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मप्र के इंदौर-ग्वालियर समेत 37 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 25 जून तक मानसून की एंट्री के आसार

मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी बनी हुई है। सामान्य तिथि की तुलना में मानसून करीब छह दिन की देरी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन मौसम विभाग ने उम्मीद जताई है कि 25 जून तक प्रदेश में मानसून प्रवेश कर सकता है। इस बीच प्री-मानसूनी गतिविधियां तेज बनी हुई हैं और रविवार को इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर समेत 37 जिलों में आंधी, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही मेघगर्जन और बिजली चमकने की भी संभावना जताई गई है।

इन जिलों में बारिश का अलर्ट

इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, झाबुआ और अलीराजपुर सहित कुल 37 जिलों में बारिश और आंधी की संभावना है।

वहीं भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, सागर, देवास, उज्जैन, रतलाम, नीमच और मंदसौर सहित कुछ जिलों में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने का अनुमान है।

अगले 2-3 दिन रहेंगे अहम

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बने ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण और उससे जुड़ी ट्रफ लाइन का असर मध्य प्रदेश के मौसम पर पड़ रहा है। यही सिस्टम प्रदेश में प्री-मानसूनी गतिविधियों को मजबूत कर रहा है। आने वाले दो से तीन दिनों में बारिश की गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।

उज्जैन में सबसे ज्यादा बारिश

शनिवार को प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक वर्षा उज्जैन में 59 मिमी रिकॉर्ड हुई, जबकि भोपाल में 33 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा इंदौर, ग्वालियर, श्योपुर, सीहोर और धार जिले के पीथमपुर क्षेत्र में भी अच्छी बारिश हुई।

बारिश के कारण कई जिलों में तापमान में गिरावट देखने को मिली। हालांकि जहां बारिश नहीं हुई, वहां गर्मी का असर बना रहा। छिंदवाड़ा में अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 8 डिग्री अधिक रहा।

बारिश का घाटा बढ़ा

मानसून की देरी का असर प्रदेश के वर्षा आंकड़ों में साफ दिखाई दे रहा है। जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभागों में सामान्य से लगभग 65 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभागों में बारिश सामान्य से करीब 30 प्रतिशत कम रही है।

प्रदेश के 55 में से 45 जिले सामान्य से कम वर्षा की श्रेणी में पहुंच चुके हैं। अलीराजपुर ऐसा जिला है जहां अब तक बारिश का खाता भी नहीं खुल पाया है, जबकि भोपाल में सबसे अधिक लगभग चार इंच वर्षा दर्ज की गई है।

किसानों की बढ़ी चिंता

मानसून की देरी से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खरीफ फसलों की बुवाई का समय नजदीक आने के बावजूद पर्याप्त बारिश नहीं होने से कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि मौसम विभाग को उम्मीद है कि 25 जून तक मानसून की एंट्री होने के बाद प्रदेश में वर्षा गतिविधियां तेज होंगी और किसानों को राहत मिलेगी।

मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने, बिजली गिरने की घटनाओं से सतर्क रहने और आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है

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