विधायक निर्मला सप्रे पहुंचीं CM हाउस; राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में बगावत!
भोपाल. मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए 18 जून को होने वाले चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है। बीना से कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे के भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास पहुंचने से प्रदेश की राजनीति में हलचल बन गया है। उनके इस कदम को लेकर सियासी गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं और कांग्रेस खेमे में बेचैनी बढ़ गई है।
इसी बीच कांग्रेस को एक और बड़ा झटका तब लगा जब भोपाल की हुजूर विधानसभा सीट से पार्टी के पूर्व प्रत्याशी नरेश ज्ञानचंदानी ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। ज्ञानचंदानी पिछले कुछ समय से संगठन और नेतृत्व से नाराज बताए जा रहे थे। उनके इस्तीफे ने कांग्रेस की अंदरूनी कलह को सार्वजनिक कर दिया है।
राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले हुए इन घटनाक्रमों ने कांग्रेस की रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पार्टी के भीतर असंतोष इसी तरह बढ़ता रहा तो इसका असर राज्यसभा चुनाव के साथ-साथ भविष्य की राजनीतिक तैयारियों पर भी पड़ हो सकता है।
वहीं, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बीच सियासी मुकाबला अब और रोचक होता जा रहा है। राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में सामने आई इस टूट को भाजपा अपने पक्ष में भुनाने की कोशिश कर सकती है।
18 जून की वोटिंग से पहले मध्य प्रदेश की राजनीति में बढ़ती उठापटक ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि कांग्रेस नेतृत्व इन नाराज नेताओं को मनाने में सफल होता है या फिर पार्टी को और बड़े झटकों का सामना करना पड़ेगा।
