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MP के 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट: अब 31.5 इंच बरसा; जून की कमी अब तक पूरी नहीं

भोपाल। ब्रेक के बाद फिर एक्टिव हुए मानसूनी सिस्टम का असर मध्य प्रदेश में दिखने लगा है। शुक्रवार को भोपाल, दमोह, टीकमगढ़, विदिशा समेत कई जिलों में बारिश हुई।

भोपाल में तेज आंधी के साथ बारिश के दौरान विजिबिलिटी 100 मीटर से कम रह गई, जिससे ट्रैफिक रुक गया। दमोह के निचले इलाकों में पानी भर गया। शनिवार को प्रदेश के 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

इनमें उज्जैन, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, देवास, हरदा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट और छतरपुर शामिल हैं। वहीं कई जिलों में हल्की से तेज बारिश होने की संभावना है।

प्रदेश में अब तक 31.5 इंच बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश में इस सीजन अब तक 801.3 मिमी यानी 31.5 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य बारिश 868.6 मिमी यानी 34.2 इंच के मुकाबले यह 2.7 इंच कम है। प्रदेश में कुल मिलाकर 8% कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से में बारिश सामान्य से 1% और पश्चिमी हिस्से में 14% कम है।

33 जिलों में सामान्य से कम बारिश
प्रदेश के 33 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। वहीं अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में औसत से ज्यादा बारिश हुई है।

जून की कमी अब तक पूरी नहीं हुई
मौसम विभाग के मुताबिक जून में प्रदेश में सामान्य से 14% कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश से कमी कुछ कम हुई, लेकिन इसके बाद मानसून दो बार ब्रेक हुआ। आखिरी सप्ताह में स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव होने के बाद बारिश का दौर फिर शुरू हुआ। जुलाई और अगस्त का कोटा पूरा होने के बावजूद जून की कमी पूरी नहीं हो सकी। इसी वजह से सीजन में अब भी 8% कम बारिश दर्ज है।

इंदौर-उज्जैन में सितंबर की बारिश पर नजर
प्रदेश में सामान्य बारिश 37.3 इंच है। इंदौर में सितंबर में औसतन 8 दिन बारिश होती है। वहीं उज्जैन में सितंबर की सामान्य बारिश पौने 7 इंच है। उज्जैन में सितंबर की सबसे ज्यादा बारिश का रिकॉर्ड 1961 का है, जब महीने में 43 इंच पानी गिरा था। 27 सितंबर 1961 को 24 घंटे में साढ़े 5 इंच बारिश दर्ज हुई थी।
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