मंडला में करोड़पति क्लर्क के ठिकानों पर EOW की रेड: 50 लाख की दुकान, सोना-चांदी और 3 गाड़ियां मिलीं; पत्नी के नाम ब्यूटी पार्लर

मंडला। आय से अधिक संपत्ति के मामले में जबलपुर EOW ने बुधवार सुबह मंडला में वन विभाग के लिपिक श्वेतांक चौरसिया के घर छापा मारा। 14 सदस्यीय टीम ने राज राजेश्वरी वार्ड स्थित मकान पर करीब कई घंटे तक दस्तावेज और संपत्तियों की जांच की। शुरुआती कार्रवाई में करीब 50 लाख रुपए की दुकान, 5 लाख रुपए नकद, 3 से 4 किलो चांदी, 150 से 200 ग्राम सोने के आभूषण और तीन फोर-व्हीलर मिलने की जानकारी सामने आई है।
EOW की जांच के अनुसार चौरसिया का खर्च उनकी ज्ञात आय से करीब 290% ज्यादा पाया गया था। उनकी वैध आय करीब 55 से 60 लाख रुपए आंकी गई है। तलाशी के दौरान सामने आई संपत्तियों को जोड़ने के बाद यह अंतर करीब 400% तक पहुंचने का अनुमान है। हालांकि, अंतिम आंकड़ा जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

20 साल पहले मिली थी अनुकंपा नियुक्ति : अब आय से अधिक संपत्ति की जांच
श्वेतांक चौरसिया पश्चिम सामान्य वन मंडल में सहायक ग्रेड-3 लिपिक के पद पर पदस्थ हैं। उन्हें करीब 20 साल पहले अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिली थी। EOW को उनकी आय की तुलना में अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी। इसके बाद गोपनीय जांच की गई और मंडला न्यायालय से तलाशी वारंट लेकर कार्रवाई की गई।
बुधवार सुबह EOW जबलपुर की टीम उनके घर पहुंची। कार्रवाई में दो DSP, तीन इंस्पेक्टर, हवलदार और अन्य अधिकारी शामिल रहे। तलाशी के दौरान मेडिकल टीम, राजपत्रित गवाह और सुरक्षा बल भी मौजूद रहे।

दुकान की खरीदी में नकद भुगतान की आशंका : दस्तावेज खंगाल रही टीम
तलाशी के दौरान करीब 50 लाख रुपए कीमत की एक दुकान और भवन से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। EOW को आशंका है कि दुकान के सौदे में बड़ी रकम नकद दी गई। करीब 45 से 50 लाख रुपए के कैश भुगतान की जानकारी की भी जांच की जा रही है।
अधिकारी अब रजिस्ट्री, बैंक रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों के जरिए यह पता लगाने में जुटे हैं कि संपत्ति की खरीदी के लिए रकम कहां से आई। रजिस्ट्री में संपत्ति की वास्तविक कीमत से कम राशि दिखाए जाने की आशंका को भी जांच के दायरे में रखा गया है।

तीन गाड़ियां, 4 बैंक खाते और लॉकर की भी जांच
EOW को चौरसिया के नाम तीन फोर-व्हीलर, LIC पॉलिसियां और चार बैंक खातों की जानकारी मिली है। बैंक लॉकर और FD होने की जानकारी भी सामने आई है। टीम इन सभी में जमा रकम और उसके स्रोत की जांच कर रही है।
तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों के आधार पर परिवार की संपत्ति और आय के दूसरे स्रोतों की भी पड़ताल की जा रही है।
पत्नी के नाम ब्यूटी पार्लर : रिकॉर्ड की भी जांच
जांच में चौरसिया की पत्नी के नाम ब्यूटी पार्लर संचालित होने की जानकारी सामने आई है। EOW अब इस कारोबार से होने वाली आय और उसके दस्तावेजों की जांच कर रही है।
टीम के मुताबिक, तलाशी के दौरान ब्यूटी पार्लर से जुड़े आयकर रिटर्न, नगर निगम या MSME पंजीयन संबंधी दस्तावेज नहीं मिले। अब यह पता लगाया जा रहा है कि कारोबार से कितनी आय हुई और उसका रिकॉर्ड किस तरह दर्ज किया गया।

290% का अंतर अब 400% तक पहुंचने का अनुमान
EOW की प्रारंभिक गोपनीय जांच में चौरसिया का व्यय उनकी ज्ञात आय से करीब 290% अधिक मिला था। बुधवार को तलाशी में मिली संपत्तियों, वाहनों, बैंक खातों और अन्य दस्तावेजों के बाद यह अंतर करीब 400% तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।
हालांकि, यह अभी शुरुआती आकलन है। सभी संपत्तियों और वित्तीय रिकॉर्ड का मूल्यांकन होने के बाद ही आय और संपत्ति के बीच वास्तविक अंतर स्पष्ट होगा।
जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी कुल संपत्ति
EOW की कार्रवाई अभी जारी है। टीम संपत्ति के दस्तावेज, बैंक खाते, लॉकर, FD, LIC पॉलिसियां, वाहन और परिवार की आय से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही है। जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि चौरसिया के पास कुल कितनी संपत्ति है और उसमें से कितनी उनकी वैध आय के अनुरूप है।