मीनाक्षी नटराजन ने भरा राज्यसभा नामांकन, तीसरी सीट पर भाजपा-कांग्रेस के बीच सियासी घमासान तेज
मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन ने सोमवार को विधानसभा स्थित रिटर्निंग ऑफिसर कार्यालय में अपना नामांकन दाखिल कर दिया। नामांकन के दौरान कांग्रेस ने शक्ति प्रदर्शन करते हुए अपने वरिष्ठ नेताओं और अधिकांश विधायकों की मौजूदगी दर्ज कराई।
नामांकन प्रक्रिया में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता और विधायक मौजूद रहे। विधानसभा परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मीनाक्षी नटराजन ने अपना नामांकन प्रस्तुत किया। इस दौरान जीतू पटवारी स्वयं विधायकों को लेकर रिटर्निंग ऑफिसर के कक्ष तक पहुंचे।
विचारधाराओं की लड़ाई है चुनाव: मीनाक्षी नटराजन
नामांकन दाखिल करने के बाद मीडिया से बातचीत में मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि यह केवल एक चुनाव नहीं, बल्कि विचारधाराओं की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसानों, मजदूरों, आदिवासियों और आम लोगों के अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष करती रही है।
उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी पूरी एकजुटता के साथ चुनाव लड़ेगी और जीत दर्ज करेगी। साथ ही भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि खुद को “पार्टी विद डिफरेंस” बताने वाली भाजपा की राजनीतिक शुचिता और नैतिकता इस चुनाव में स्पष्ट दिखाई दे रही है।
भाजपा के तीसरे उम्मीदवार से बढ़ी राजनीतिक हलचल
भाजपा द्वारा महेश केवट को तीसरे उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतारने के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने भी अपने विधायकों को एकजुट रखने और चुनावी रणनीति को मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार विधायकों से लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है और उन्हें भोपाल में रहने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर विधायकों को दूसरे राज्य में शिफ्ट करने जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है।
इसी बीच कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और पार्टी के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी के दिल्ली रवाना होने को भी राजनीतिक हलकों में राज्यसभा चुनाव की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि आरिफ मसूद ने इसे निजी दौरा बताया है।
कांग्रेस ने लगाया खरीद-फरोख्त का आरोप
आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया ने भाजपा पर कांग्रेस विधायकों को प्रलोभन देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पार्टी पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और अपने विधायकों की एकजुटता सुनिश्चित करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगी।
वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा के उम्मीदवार को “डमी कैंडिडेट” बताते हुए कहा कि कांग्रेस सभी संभावनाओं पर चर्चा कर रही है और आवश्यकता पड़ने पर आगे की रणनीति तय करेगी।
दिग्विजय सिंह बोले- कांग्रेस विधायक पूरी तरह एकजुट
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भाजपा के दावों को खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस के सभी विधायक पूरी तरह एकजुट हैं और पार्टी उम्मीदवार के समर्थन में मजबूती से खड़े हैं।
कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे और सुनील उईके ने भी दावा किया कि मीनाक्षी नटराजन को अपेक्षा से अधिक समर्थन मिलेगा और चुनाव परिणाम कांग्रेस के पक्ष में रहेगा।
मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट को लेकर अब भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। दोनों दल अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने और चुनावी गणित साधने में जुटे हुए हैं, जिससे यह मुकाबला प्रदेश की राजनीति का केंद्र बिंदु बन गया है।
