मप्र विधानसभा मानसून सत्र में हंगामा : UCC विधेयक का विरोध, उज्जैन जमीन मामले पर कांग्रेस का प्रदर्शन
मध्यप्रदेश विधानसभा का आज 11वां मानसून सत्र की शुरआत हो गई है। सदन में कांग्रेस सदस्यों ने हंगामा किया। साथ ही सत्र के दौरान सामान नागरिक संहिता UCC विधेयक का भी विरोध किया गया।
सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने उज्जैन में जमीन खरीदी का मामला उठाया। इस पर चर्चा की मांग की, जिसका बीजेपी विधायकों और मंत्रियों ने विरोध किया। वही संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी कहा कि यह मुद्दा स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा में नहीं लाया जा सकता है। इसके बाद कांग्रेस विधायक गर्भगृह के पास पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे।
स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि इस मुद्दे पर नियम 139 के अंतर्गत चर्चा करेंगे। जवाब में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि स्थगन प्रस्ताव सिंहस्थ की जमीन छीनने को लेकर और मुख्यमंत्री के परिवार द्वारा जमीन खरीदी को लेकर है। इस पर चर्चा कराई जाए। सोमवार को सत्र का पहले दिन कांग्रेस के विधायकों ने सत्ता पक्ष के नेताओं के मुखौटे पहन कर विराध प्रदर्शन किया।
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उमंग सिंघार ने कहा सीएम मोहन और शिवराज फाइल – फाइल खेल रहे है
सदन में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और सीएम मोहन यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि दोनों फाइल-फाइल खेल रहे हैं। किसानों की किसी को चिंता नहीं है। मध्य प्रदेश का किसान परेशान है। समय पर न खाद मिल रही है, न बीज मिल रहा है।
सत्र के दौरान श्रद्धांजलि को लेकर भी विपक्ष और पक्ष आमने – सामने
सदन के भीतर सत्र की शुरुआत में पूर्व विधायक अश्विन जोशी, पहाड़ सिंह कन्नौज, पूर्व केंद्रीय मंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी, सुप्रसिद्ध शायर बशीर बद्र और पंडवानी गायिका तीजन बाई को श्रद्धांजलि दी गई। इस पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सवाल को उठाते हुए कहा कि बरगी क्रूज हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई। नीट परीक्षार्थी अव्यवस्था के चलते आत्महत्या करने को मजबूर हुए किंतु उनका नाम श्रद्धांजलि सूची में शामिल नहीं किया गया। हम ऐसे लोगों को भी श्रद्धांजलि देते हैं।
सदन में समान नागरिक संहिता विधेयक पेश
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पॉइंट ऑफ आर्डर लिया। उन्होंने आपत्ति जताई कि सदन में जब कांग्रेस सदस्यों को बोलना होता है तो सदन की कार्यवाही आगे बढ़ाने का हवाला दिया जाता है लेकिन जब भाजपा के सदस्यों को बोलना होता है तो कार्यवाही आगे बढ़ाने के बाद भी पीछे आ जाती है। यह दोहरी नीति क्यों अपनाई जा रही है। वहीं इस पर संसदीय कार्य मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि नियमों से जुड़े विषय पर ऐसा हुआ है। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष व्यवस्था पर किसी भी संबंध में प्रश्न खड़ा नहीं किया जाना चाहिए।
सदन में सरकार ने कई विधेयक पटल पर रखे
- मध्यप्रदेश समान नागरिक सुरक्षा संहिता 2026
- मध्यप्रदेश निरसन विधेयक 2026
- मध्यप्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विधेयक, 2026
- मध्यप्रदेश राजमार्ग (संशोधन) विधेयक 2026
- मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) संशोधन विधेयक, 2026
- मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक2026
- मध्यप्रदेश धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय विधेयक 2026
- मध्यप्रदेश कोड ऑन एम्पावरिंग वर्कस्पेसेज, 2026 (मध्यप्रदेश श्रम शक्ति संहिता 2026)
- मध्यप्रदेश ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस विधेयक, 2026