महाराज! जिंदगी हो गई माला पहनाते-पहनाते, पर खाद नहीं मिला’: खाद पर गुना में किसानों का दर्द सुन भडक़े सिंधिया, कलेक्टर से बोले- पेन-पैड निकालिए और नाम नोट कीजिए

गुना। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के गुना दौरे के दूसरे दिन सर्किट हाउस में उस वक्त सन्नाटा छा गया, जब खाद की किल्लत से बेहाल दर्जनों किसान अपनी फरियाद लेकर सीधे उनके सामने जा पहुंचे। खाद की कालाबाजारी और सर्वर की मनमानी से तंग आ चुके एक किसान ने जब भरी सभा में हाथ जोडक़र दर्द बयां किया कि महाराज! जिंदगी हो गई माला पहनाते-पहनाते, लेकिन खेत के लिए दो बोरी खाद नहीं मिल पा रहा है, तो माहौल पूरी तरह गर्मा गया। किसान की बात सुनते ही सिंधिया का पारा चढ़ गया। उन्होंने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अमले को आड़े हाथों लिया।
किसान की व्यथा सुनते ही केंद्रीय मंत्री ने पास खड़े गुना कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल को तुरंत एक्शन लेने के निर्देश दिए। जब कलेक्टर ने औपचारिकता निभाते हुए ठीक है कहा, तो सिंधिया ने उन्हें रोकते हुए सख्त लहजे में कहा— ठीक है नहीं, नोट करिए। पेन और पैड निकालिए और हर किसान का नाम-नंबर दर्ज कीजिए। मैं अपनी ड्यूटी पर हर चीज नोट करता हूं, तो आपको भी करनी होगी। मंत्री के कड़े रुख को देखते ही मौके पर हडक़ंप मच गया। आनन-फानन में पेन-पैड मंगवाया गया और कलेक्टर ने खुद किसानों के नाम और मोबाइल नंबर कागज पर दर्ज किए।
ब्लैक में बंट रहा टोकन, पोर्टल हैक होने की जताई आशंका
ग्रामीण इलाकों और पगारा से आए किसानों ने आरोप लगाया कि सोसायटी और खाद वितरण केंद्रों पर भारी धांधली चल रही है। किसानों का कहना है कि जैसे ही वे खाद की ऑनलाइन बुकिंग के लिए साइट खोलते हैं, कुछ ही सेकंड में सारे टोकन खत्म दिखाई देने लगते हैं। अन्नदाताओं ने ऑनलाइन सिस्टम हैक होने और बिचौलियों की सांठगांठ से टोकन कालाबाजारी में बेचने की गंभीर आशंका जताई। सिंधिया ने पूरी रिपोर्ट तैयार कर गड़बड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया।
रक्तदाताओं को अपने हाथों से पिलाया जूस, बढ़ाया हौसला
सर्किट हाउस में जनसुनवाई निपटाने के बाद सिंधिया सीधे जिला अस्पताल पहुंचे। वहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में आयोजित सेवा संकल्प अभियान के तहत विशाल रक्तदान शिविर चल रहा था। मंत्री ने रक्तदाताओं से मुलाकात की, उनका हालचाल जाना और खुद अपने हाथों से उन्हें जूस पिलाकर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान से बड़ा कोई पुण्य नहीं है और एक यूनिट रक्त किसी चिराग को बुझने से बचा सकता है। चार दिवसीय प्रवास के दौरान सिंधिया लगातार क्षेत्र में रहकर विकास कार्यों के लोकार्पण, जनसंवाद और जनता की सीधी समस्याएं निपटाने में जुटे हुए हैं।