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लिंक्डइन से मिला नौकरी का ऑफर खाली कर देगा बैंक अकाउंट, मार्केट में आया नया स्कैम, इस तरह करे असली नकली की पहचान

रोजगार की तलाश कर रहा हर युवा सबसे पहले लिंक्डइन पर अपनी प्रोफाइल बनाता है जिससे उसकी पसंद की कंपनी में यदि कोई वेकेंसी निकलती है तो उसकी जानकारी उन्हें मिल सकें। इसके अलावा प्लेटफॉर्म और भी कई सारे ऑफर्स देखने का अवसर युवजन को मिलता है। लेकिन हर ऑफर सही हो यह जरुरी नहीं है। अब स्कैमर्स ने फ्रॉड करने के लिए लिंक्डइन पर भी अपना जाल बिछाना शुरू कर दिया है। ठग फर्जी रिक्रूटर प्रोफाइल बनाकर बिना इंटरव्यू इंस्टेंट सेलेक्शन का दावा करते हैं और फिर रजिस्ट्रेशन फीस, ट्रेनिंग चार्ज और सेंसिटिव डिटेल्स मांगते हैं। हाल ही में ‘इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर’ (I4C) ने इस बारे में एक अलर्ट जारी किया है। आइए जानते है ये ठगी कैसे होती है और आप इससे कैसे बच सकते है।

इस तरह करते है ठगी

लिंक्डइन फेक जॉब स्कैम में स्कैमर किसी कंपनी का एचआर या रिक्रूटर बनकर नौकरी ऑफर करते है। इसके बाद नौकरी के लिए फीस, बैंक डिटेल्स और अन्य निजी जानकारी मांगकर ठगी को अंजाम देते है। इसके लिए वो पहले यह देखते है कि कौन नौकरी की तलाश कर रहा है। फिर जिसने ‘ओपन टू वर्क’ मार्क किया है और कुछ समय पहले रेज्यूमे अपडेट किया है। इसके बाद ठग मैसेज या ईमेल के जरिए जाॅब ऑफर करते हैं। वे फर्जी रिक्रूटर बनकर संपर्क करते हैं और फेक सेलेक्शन प्रोसेस के जरिए ठगी को अंजाम देते हैं।

इस तरह करे असली नकली की पहचान

इन ठगों से बचने के लिए यह पहचानना जरुरी है कि असली रिक्रूटर कौन है और नकली कौन। इसकी पहचान करने के लिए आपको कुछ बातों पर ध्यान देना होगा। जैसे अगर कोई आपको बिना आवेदन के ऑफर देता है, बिना इंटरव्यू के सिलेक्शन की बात बोलता है, हाई सैलरी का लालच देता है, जोइनिंग के लिए पैसे मांगता है, तुरंत फैसले का दबाव बनाये, जल्द से जल्द पर्सनल डिटेल मांगे तो फिर यह तय है कि वह आपके साथ स्कैम कर रहा है।

निजी जानकारी शेयर करने से बचे

कोई भी कंपनी बिना आवेदन किए किसी को ऑफर लेटर नहीं भेजती है। उनकी वेबसाइट पर भी वेकेंसी दिखती है। सिलेक्शन की प्रोसेस पूरी तरह पारदर्शी होती है। अगर आपका चयन कर लिया जाता है तो आपको एक ऑफर लेटर भी दिया जाता है। ठगों से बचने के लिए जॉब प्रोसेस के शुरुआती फेज में बैंक डिटेल्स, PAN कार्ड नंबर, आधार नंबर, कोई भी पासवर्ड या सिक्योरिटी कोड किसी के साथ शेयर करने से बचे।

स्कैम होने के बाद ले यह एक्शन

अगर गलती से आप किसी स्कैम का शिकार हो जाते है तो, संबंधित बैंक, UPI एप को सूचित करें। अपने सभी पासवर्डस को बदल ले। तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। इसके अलावा भारत सरकार के साइबर क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। स्कैम से जुड़े सभी स्क्रीनशॉट, ईमेल, चैट और ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड सुरक्षित रखें और जल्द से जल्द नजदीकी थाने में शिकायत करें।

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