इंदौर पुलिस पर हमले से गरमाई सियासत, दिग्विजय सिंह ने भूमाफिया-पुलिस गठजोड़ पर उठाए सवाल
प्रदेश प्रकाश ,
इंदौर में भूमाफियाओं और पुलिसकर्मियों के बीच रविवार रात हुए विवाद में पुलिस अब अज्ञात को ढूंढने में जुटी है। वहीं अब कनाडिया टीआई सहर्ष यादव और बिल्डर विशाल खंडेलवाल को पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने इस विवाद मामले में सवाल के घेरे में खड़ा कर दिए है। बता दें कि कनाडिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली डायमंड गृह निर्माण सोसायटी की डायमंड कॉलोनी में दो पक्षों में पथराव हो गया था, जिसको रोखने पुलिस पहुंची थी। वहीं पुलिसकर्मियों को नशेड़ियों ने दौड़ा – दौड़ा का पीटा था।
यह मामला पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह के पास पहुंचा। संतोष सिंह ने मामले को संज्ञान में लेते हुए सख्त करवाई दिखाई है। इसमें पुलिसकर्मी विजय सिकरवार को 16 और आशीष शर्मा को आठ टांके आए है। टीआई सहर्ष यादव ने भी इस मामले में धाराएं मजबूत लगाई है , लेकिन केस अज्ञात पर दर्ज किया गया है। दिग्विजय सिंह ने इस पर सवाल खड़े कर दिए है।
दिग्विजय सिंह ने उठाए ये सवाल
पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने 25 जून की रात को इस मामले में कहा कि भूमाफिआ पुलिस को पीट रहे है। मुझे पता चला है कि विशाल खंडेलवाल ने जमीन की डील की है। पुलिस पर हमला होता है और किसी की गिरफ़्तारी नहीं होती है। उन्होंने यह भी कहां कि पता नहीं खंडेलवाल और सरकार के बीच क्या संबंध है। पुलिस पीट रही है और टीआई साहब समझौता करा रहे है।
कौन है विशाल खंडेलवाल ??
विशाल खंडेलवाल एसएस ग्लोबल ग्रुप के शेफ मेनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी) है। इस कंपनी में लखन यादव भी शामिल है। साथ ही पहले इसमें रुपेश व्यास , भूपेश व्यास भबि शामिल थे। कंपनी के रिकॉर्ड के अनुसार इसका ऑफिस राफेल टावर ओल्ड पलासिया में है। खंडेलवाल कई बड़े प्रोजेक्ट में लगे हुए है।
यह है विवादित जमीन का इतिहास
जिस जमीन को लेकर यह विवाद जारी है , बताया जा रहा है कि उसकी कीमत 500 करोड़ से ज्यादा की है। 1974 में जमनी शालिग्राम के नाम पर थी फिर इससे हाजी एंड कंपनी के संचालक शेक इब्राहिम ने ले ली हैं। यह जमीन भूरी टेकरी के पास है।
इन सब के बाद यह डायमंड गृह निर्माण सोसायटी बनाई गई। इसमें साल 2016 में करीब सात एकड़ जमीन संयम इन्फ्रा ने ले ली। इसमें डायरेक्टर प्रतिक संघवी और जय संघवी है।
जमीन की रक्षा हेतु भूमाफियाओं ने रखे है कई गुंडे
भूमाफियाओं ने पाल रखें है गुंडे। सोसायटी के सदस्यों के पास रसीद है। यहां जो लोग जमीन लेना चाहते है , उसमे से कुछ जमीन के कब्जे में भी है। अधिकांश जमीने भूमाफियाओं के कब्जे में है। यहां खरीदने वाले जमीन को लेकर विवाद चल रहा है।
कनाडिया पुलिस की सांठगांठ भूमाफियाओं के गुंडों से है। भूमाफियाओं ने मिलकर मोहसिन खान को ठेका दे रखा हैं। इसके चलते उसकी इतनी हिम्मत हुई कि नशे में पुलिस को पीट दिया है।
आला अधिकारीयों ने साधी चुप्पी
इस संवेदनशील मामले में वरिष्ठ अधिकारी डीसीपी अमन सिंह राठौर हो या एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह , एसीपी कुंदन मंडलोई , भी चुप है।
FIR में क्या लिखा है??
बता दें कि बीते मंगलवार रात को हुई एफआईआर आरक्षक विजय सिकरवार के आवेदन पर लिखी गई है। इसमें कहा गया है कि दो पक्षों में विवाद हूआ। इसमें एक ओर रहवासी, कॉलोनी वाले थे और साथ ही संयम इन्फ्रा के लोग थे। विजय सिकरवार ने बताया कि मैं, आशीष शर्मा के साथ गया था वहां पथराव हुआ था किसी ने शर्मा के सर पर डंडा मारा था। हमला करने वालों को हम पहचानते नहीं हैं। हालांकि अन्य दो की चोट गंभीर नहीं थी। लेकिन सिकरवार और शर्मा को टांके आए। पिटने के बाद टीआई यादव मौके पर पहुंचे और मामले को रफा-दफा किया गया।