महंगाई पर केंद्र से टैक्स घटाने की मांग, विजयपुर मामले में सुप्रीम कोर्ट जाएंगे : उमंग सिंघार

Umang Singhar ने मंगलवार को अपने निवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में विजयपुर प्रकरण, अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण बढ़ती महंगाई और सूचना आयुक्त की नियुक्ति जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि विजयपुर मामले में न्यायालय के फैसले का सम्मान किया जाता है, लेकिन न्याय के लिए कानूनी प्रक्रिया के तहत Supreme Court of India तक जाया जाएगा।
विजयपुर मामले में सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी
सिंघार ने कहा कि लोकतंत्र में न्यायिक प्रक्रिया सर्वोपरि होती है और जिला न्यायालय से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक न्याय पाने का अधिकार सभी को है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक Mukesh Malhotra के लिए भी सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे खुले हैं और पार्टी कानूनी सलाह लेकर आगे की कार्रवाई करेगी।
भाजपा पर दबाव की राजनीति का आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने Bharatiya Janata Party पर दबाव की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा माहौल बनाने की कोशिश कर रही है और यह प्रयास आगामी चुनावों और संख्या बल की राजनीति से जुड़ा हो सकता है। सिंघार ने कहा कि भाजपा चुनाव से डरती है और जनता के बीच जाकर मुकाबला नहीं करना चाहती।
अंतरराष्ट्रीय हालात से महंगाई बढ़ने की आशंका
सिंघार ने कहा कि Iran और Israel के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक हालात तेजी से बदल रहे हैं, जिसका असर महंगाई पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल समीक्षा बैठकों की बात कर रही है, लेकिन इससे जनता को राहत नहीं मिलती।
पेट्रोल-डीजल और गैस पर टैक्स घटाने की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने केंद्र सरकार से मांग की कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस पर लगने वाले भारी टैक्स में कटौती की जाए, ताकि आम लोगों को महंगाई से राहत मिल सके। उनका कहना था कि टैक्स कम होने से ईंधन की कीमतों में कमी आएगी और इसका सीधा फायदा जनता को मिलेगा।
सूचना आयुक्त की नियुक्ति पर सवाल
सिंघार ने सूचना आयुक्त के रिक्त पदों को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि बैठक में तीन पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन केवल दो पद ही भरे जा रहे हैं। इससे सूचना के अधिकार के तहत आम नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं पर असर पड़ सकता है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सभी रिक्त पदों को जल्द भरा जाए, ताकि नागरिकों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।






