इंदौर के नवलखा पवनपुरी में भीषण आग, 5 बसें जलकर खाक; कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठे मनीष शर्मा

Indore के नवलखा क्षेत्र स्थित पवनपुरी इलाके में सोमवार सुबह भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, निजी बसों की पार्किंग और मरम्मत स्थल पर वेल्डिंग के दौरान निकली चिंगारी से आग भड़की, जिसने कुछ ही देर में आसपास खड़ी बसों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में पांच बसें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं।
घटना के दौरान आग इतनी तेजी से फैली कि पूरे इलाके में धुएं का गुबार छा गया। आग की लपटों के बीच सिलेंडरों में हुए धमाकों ने रिहायशी क्षेत्र में दहशत फैला दी। धमाकों की आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए और इलाके में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल दमकल विभाग और पुलिस को सूचना दी।
मौके पर पहुंची दमकल विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझाने के लिए कई फायर ब्रिगेड वाहनों की मदद ली गई। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि रिहायशी इलाके में लंबे समय से निजी बसों की पार्किंग और मरम्मत का काम किया जा रहा था, जिससे हमेशा हादसे का खतरा बना रहता था। रहवासियों का कहना है कि इस संबंध में कई बार शिकायतें भी की गई थीं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
स्थानीय पार्षद मनीष शर्मा ने घटना को प्रशासनिक लापरवाही करार देते हुए कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि रिहायशी इलाके में बस पार्किंग और मरम्मत कार्य को लेकर पहले भी कई बार चेतावनी दी गई थी, लेकिन जिम्मेदार विभागों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
मनीष शर्मा ने मौके पर धरना शुरू करते हुए कहा कि जब तक इस क्षेत्र से बसों की पार्किंग हटाने और स्थायी समाधान को लेकर प्रशासन स्पष्ट निर्णय नहीं लेता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। आग लगने के कारणों, सुरक्षा मानकों के पालन और पार्किंग संचालन की वैधता की भी जांच की जा रही है। स्थानीय लोग अब इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।






