ऑनलाइन इंस्ट्रूमेंट्स ने IPO के लिए सेबी के पास दाखिल किया DRHP, 750 करोड़ जुटाने की तैयारी

बेंगलुरु स्थित Online Instruments (India) Limited ने शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए पूंजी बाजार नियामक Securities and Exchange Board of India (सेबी) के समक्ष अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) दाखिल कर दिया है। कंपनी का लक्ष्य आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के जरिए 750 करोड़ रुपये जुटाने का है।
सेबी के पास जमा दस्तावेजों के अनुसार, यह आईपीओ 2 रुपये फेस वैल्यू वाले शेयरों का नया निर्गम होगा। प्रस्तावित इश्यू में 750 करोड़ रुपये तक के नए शेयर जारी किए जाएंगे। इसके साथ ही कंपनी के प्रमोटर अनंत महेश बेलाड और राजेश्वरी शिवानंद महाशेट्टी की ओर से 57.10 लाख शेयरों की बिक्री पेशकश (ऑफर फॉर सेल-ओएफएस) भी शामिल की गई है।
कंपनी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, आईपीओ से जुटाई जाने वाली राशि का उपयोग विभिन्न कारोबारी जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा। इसमें लगभग 160 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कंपनी के मौजूदा ऋणों के पुनर्भुगतान या पूर्व-भुगतान के लिए किया जाएगा। इसके अलावा 330 करोड़ रुपये कार्यशील पूंजी (वर्किंग कैपिटल) की जरूरतों को पूरा करने में लगाए जाएंगे। शेष धनराशि का उपयोग संभावित अधिग्रहण, विस्तार योजनाओं और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
ऑनलाइन इंस्ट्रूमेंट्स (इंडिया) लिमिटेड ऑडियो-विजुअल सिस्टम इंटीग्रेशन (AVSI) समाधान उपलब्ध कराने वाली प्रमुख कंपनियों में शामिल है। कंपनी कॉर्पोरेट, शिक्षा, सरकारी और अन्य क्षेत्रों के लिए तकनीकी समाधान प्रदान करती है। इसके तहत आधुनिक ऑडियो, वीडियो और डिजिटल इंटीग्रेशन से जुड़े प्रोजेक्ट विकसित किए जाते हैं।
कंपनी के पास बेंगलुरु में तीन अत्याधुनिक विनिर्माण संयंत्र हैं, जहां विभिन्न तकनीकी उत्पादों और समाधान तैयार किए जाते हैं। भारत के अलावा कंपनी ने कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।
ऑनलाइन इंस्ट्रूमेंट्स ने सिंगापुर, मलेशिया, ताइवान, फिलीपींस, संयुक्त अरब अमीरात, अमेरिका, मेक्सिको और फ्रांस सहित कई देशों में ऑडियो-विजुअल सिस्टम इंटीग्रेशन से जुड़ी परियोजनाएं सफलतापूर्वक पूरी की हैं। कंपनी का कहना है कि वैश्विक विस्तार और बढ़ती मांग को देखते हुए वह अपने कारोबार को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक और डिजिटल इंटीग्रेशन क्षेत्र में बढ़ती मांग के बीच कंपनी का आईपीओ निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है। हालांकि, अंतिम निवेश निर्णय लेने से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, वैल्यूएशन और बाजार परिस्थितियों का विश्लेषण महत्वपूर्ण माना जा रहा है।






