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भारत का लक्ष्य 2030 तक 30 करोड़ टन इस्पात क्षमता हासिल करने का: इस्पात मंत्रालय

नई दिल्ली, 4 नवंबर 2025 —
भारत सरकार ने कहा है कि देश का लक्ष्य 2030 तक 30 करोड़ टन और 2047 तक 50 करोड़ टन इस्पात उत्पादन क्षमता हासिल करना है। इस्पात मंत्रालय के सचिव संदीप पुंडरीक ने आज नई दिल्ली में आयोजित सीआईआई इस्पात सम्मेलन 2025 के उद्घाटन सत्र में यह जानकारी दी।

श्री पुंडरीक ने कहा कि इस्पात उद्योग राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और विकसित भारत के विज़न को साकार करने में इसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि मजबूत आधारभूत ढांचे के विकास और घरेलू मांग में तेज़ी के चलते भारत की इस्पात क्षमता पिछले दशक के 10 करोड़ मिलियन टन से बढ़कर अब 20 करोड़ मिलियन टन तक पहुंच गई है।

सचिव ने यह भी बताया कि इस्पात क्षेत्र ने वित्त वर्ष 2024-25 की पहली छमाही में 8.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है और वर्ष के अंत तक उत्पादन 15 करोड़ 20 लाख टन तक पहुंचने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि सरकार सतत इस्पात पर राष्ट्रीय मिशन (National Mission on Sustainable Steel) के तहत हरित (Green) और हाइड्रोजन-आधारित इस्पात प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा दे रही है ताकि कार्बन उत्सर्जन को कम किया जा सके और देश में एक प्रतिस्पर्धी इस्पात पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जा सके।

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