| | | |

इंदौर DAVV बॉयज हॉस्टल के टूटे टॉयलेट: टाइल्स उखड़ी, खराब पंखों से छात्र परेशान; वार्डन ने कहा- नए स्टूडेंट को हो रही समस्या

सूर्यांश तिवारी। इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के रवींद्रनाथ टैगोर RNT बॉयज हॉस्टल में गंदगी से छात्र परेशान हैं। हॉस्टल में रहने वाले छात्र मूलभूत सुविधाओं के अभाव में नारकीय जीवन यापन कर रहे हैं।

हॉस्टल के टॉयलेट में गंदगी फैली हुई है। कई जगह टाइल्स उखड़ी है। वॉशबेसिन और यूरिनल्स के आसपास कचरा और बदबू है। टूटे-फूटे दरवाजे और साफ-सफाई की खराब व्यवस्था के कारण छात्र परेशान हैं।

समस्या केवल टॉयलेट तक सीमित नहीं है। हॉस्टल के कमरों में लगे पंखे खराब हैं। खिड़कियां टूटी हैं। पाइपलाइन जर्जर है। नियमित रखरखाव नहीं होने से पूरा ढांचा चरमराता नजर आ रहा है। छात्रों का कहना है कि कई बार शिकायत की गई फिर भी समाधान नहीं किया गया।

स्वास्थ्य और भविष्य से खिलवाड़
छात्रों का कहना है कि जिस शहर में स्वच्छता को लेकर सख्ती दिखाई जाती है, उसी शहर के एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय के हॉस्टल में ऐसी स्थिति चिंताजनक है। उनका आरोप है कि गंदगी और अव्यवस्था सीधे तौर पर छात्रों के स्वास्थ्य और पढ़ाई दोनों को प्रभावित कर रही है।

वार्डन ने नए छात्रों पर डाली जिम्मेदारी
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए हॉस्टल वार्डन मोहित ने कहा कि हाल ही में नए छात्रों के प्रवेश के कारण समस्याएं अधिक महसूस हो रही हैं। उनके अनुसार शौचालय की टाइल्स पुरानी होने के कारण गंदी दिखाई देती हैं, जबकि सफाई प्रतिदिन कराई जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि टूटे दरवाजों को बदलने की प्रक्रिया चल रही है और अब एक कमरे में तीन के बजाय दो छात्रों को रखा जा रहा है।

सवालों के घेरे में यूनिवर्सिटी प्रशासन
हालांकि छात्रों का कहना है कि यदि सफाई नियमित हो रही है तो टॉयलेट और वॉशबेसिन की वास्तविक स्थिति इतनी खराब क्यों है। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से तत्काल निरीक्षण, सफाई व्यवस्था में सुधार और जर्जर सुविधाओं की मरम्मत की मांग की है। अब देखना यह होगा कि DAVV प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेकर ठोस कार्रवाई करता है या यह मामला भी आश्वासनों तक सीमित रह जाता है।

कई शौचालयों की रोज सफाई नहीं होती
छात्रों के अनुसार हॉस्टल के कई शौचालयों की रोज सफाई नहीं होती है। इस वजह से वहां लगातार गंदगी और दुर्गंध बनी रहती है। कई टॉयलेट के दरवाजे टूटे हुए हैं, जिससे छात्रों की निजता भी प्रभावित हो रही है। इसके अलावा हॉस्टल परिसर में साफ-सफाई का अभाव होने से रहने का माहौल असुविधाजनक हो गया है।

कई बार शिकायत करने पर भी नहीं हुआ समाधान
छात्रों का कहना है कि उन्होंने कई बार हॉस्टल प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।

हॉस्टल में रोजाना हो सफाई
छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि हॉस्टल की सफाई व्यवस्था में तुरंत सुधार किया जाए। टूटे हुए टॉयलेट और दरवाजों की मरम्मत कराई जाए तथा नियमित निगरानी की व्यवस्था बनाई जाए, ताकि विद्यार्थियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सके।

फिलहाल इस संबंध में विश्वविद्यालय या हॉस्टल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

Share