इंदौर-दाहोद रेल लाइन की डेडलाइन फेल! 17 साल बाद सिर्फ लाइनिंग का काम पूरा; मार्च में होना था संचालन

इंदौर। इंदौर-दाहोद रेल परियोजना का 2008 में भूमिपूजन हुआ था। इसे 17 साल से ज्यादा का समय बीत चुका है लेकिन अभी तक यह पूरा नहीं हो पाया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इस परियोजना की डेडलाइन कितनी बार बढ़ेगी और इंदौर-दाहोद के बीच ट्रेन के लिए जनता को और कितना इंतजार करना पड़ेगा?
इंदौर-धार सेक्शन में मार्च 2026 के आसपास ट्रेन संचालन शुरू होने वाला था। शेष निर्माण और तकनीकी काम पूरे करने के निर्देश भी दिए गए थे। जिससे ट्रायल रन कराया जा सके। तय समयसीमा निकलने के बाद भी पूरा रेल संपर्क शुरू नहीं हो सका। सालों के इंतजार के बाद एक और डेडलाइन आई और निकल गई। यात्रियों के हिस्से में अब भी सिर्फ इंतजार ही आया है।
क्या रेलवे फिर नई तारीख का ऐलान करेगा
इस परियोजना को लेकर पहले मार्च 2025 तक इंदौर-धार सेक्शन में ट्रेन चलाने का लक्ष्य तय किया गया था। इसके बाद समयसीमा बढ़ाकर मार्च 2026 पर फोकस किया गया, लेकिन यह डेडलाइन भी पूरी नहीं हो सकी। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या रेलवे फिर नई तारीख का ऐलान करेगा, या इस बार निर्माण कार्य की रफ्तार बढ़ाकर यात्रियों का लंबा इंतजार खत्म किया जाएगा?
205 किलोमीटर की परियोजना, सफर अभी अधूरा
दिसंबर 2025 में लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, दाहोद-इंदौर नई रेल लाइन की कुल लंबाई 205 किलोमीटर और अनुमानित लागत करीब 9,746 करोड़ रुपये बताई गई थी। उस समय तक करीब 57 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका था, जबकि शेष हिस्से पर निर्माण कार्य जारी था।
17 साल का इंतजार आखिर कब खत्म होगा?
सालों से चल रही इस परियोजना में जमीन अधिग्रहण, निर्माण कार्य और तकनीकी कारणों से देरी की बातें सामने आती रही हैं। मई 2026 में परियोजना के एक हिस्से में भुगतान में देरी के कारण काम प्रभावित होने और छोटे वेंडरों के करोड़ों रुपये बकाया होने की रिपोर्ट भी सामने आई थी।
इस ट्रैक पर यात्री ट्रेनें कब दौड़ेंगी?
अब लोगों को नई समयसीमा और नए दावों से ज्यादा जमीन पर काम पूरा होने का इंतजार है। करीब 17 साल से इस रेल लाइन का इंतजार कर रहे मालवा-निमाड़ के लोगों का सवाल सीधा है—इंदौर-दाहोद रेल परियोजना आखिर कब पूरी होगी और इस ट्रैक पर यात्री ट्रेनें कब दौड़ेंगी?
कई निर्माण कार्य एक साथ चल रहे
अभी तक सुरंग की लाइनिंग का काम पूरा हो चुका है। अब इसके अंदर बैलास्टलेस ट्रैक बिछाने के साथ ड्रेनेज, पीसीसी और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े अन्य कार्यों को तेजी से पूरा किया जा रहा है। सुरंग में कई निर्माण कार्य एक साथ चल रहे हैं। लाइनिंग पूरी होने के बाद अब ट्रैक और अन्य सिविल वर्क पर खास फोकस किया गया है।
1216 मीटर बैलास्टलेस ट्रैक तैयार
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि सुरंग के अंदर अब तक 1216 मीटर बैलास्टलेस ट्रैक तैयार किया जा चुका है। वर्तमान में करीब 810 मीटर हिस्से में ट्रैक बिछाने का काम जारी है। पीसीसी की फाइनल लेयर का 1470 मीटर और पहली लेयर का 2007 मीटर काम पूरा हो चुका है। फिलहाल 740 मीटर हिस्से में पीसीसी का काम जारी है।

जलभराव रोकने के लिए बन रहा ड्रेनेज सिस्टम
सुरंग के भीतर जलभराव की समस्या से बचने के लिए ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण भी समानांतर रूप से किया जा रहा है। दोनों तरफ साइड ड्रेन, इनवर्ट ड्रेन और अन्य संरचनात्मक कार्यों का बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है। इसके अलावा कट एंड कवर सेक्शन में ओवरट रिइनफोर्समेंट और लाइनिंग का काम भी पूरा कर लिया गया है। अब शेष ड्रेनेज और बैकफिलिंग जैसे कार्यों को तेजी से पूरा किया जा रहा है।

इमरजेंसी में बचाव के लिए होंगे खास इंतजाम
सुरंग में यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रिफ्यूज निच और रेस्क्यू शाफ्ट बनाए जा रहे हैं। इसके साथ ही वेंटिलेशन डक्ट और एग्जॉस्ट फैन लगाने का काम भी जारी है। इन व्यवस्थाओं से सुरंग के भीतर हवा का प्रवाह बनाए रखने और किसी आपात स्थिति में धुएं को बाहर निकालने में मदद मिलेगी।

MP-गुजरात के बीच मजबूत होगी रेल कनेक्टिविटी
इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन पूरी होने के बाद मध्य प्रदेश और गुजरात के बीच रेल संपर्क और मजबूत होगा। इससे यात्रियों का आवागमन आसान होगा और माल परिवहन को भी गति मिलेगी। इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में व्यापार, उद्योग और आर्थिक गतिविधियों को इस प्रोजेक्ट से फायदा मिलने की संभावना है।