होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय की मौत, 6 भारतीय घायल; भारत ने ईरानी राजनयिकों को किया तलब
होर्मुज स्ट्रेट में हालिया हमलों के दौरान एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई, जबकि छह भारतीयों समेत आठ लोग घायल हो गए। घटना के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए विदेश मंत्रालय (MEA) में ईरान के उप राजदूत मोहम्मद जवाद हुसैनी सहित ईरानी राजनयिकों को तलब किया और इस मामले में जवाब मांगा। विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिक की मौत पर गंभीर चिंता जताते हुए ईरानी मिशन से पूरी घटना की जानकारी और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है।
UAE के तेल टैंकरों पर मिसाइल हमला
जानकारी के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट में ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो तेल टैंकरों को क्रूज मिसाइलों से निशाना बनाया। UAE के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस हमले में छह भारतीय नागरिकों सहित कुल आठ लोग घायल हुए, जबकि एक भारतीय की मौत हो गई। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है।
अमेरिका की 5 घंटे तक जवाबी कार्रवाई
हमले के बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, करीब पांच घंटे तक चले ऑपरेशन में बुशहर, चाबहार, जास्क, कोनार्क, अबू मूसा और बंदर अब्बास स्थित ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। बताया गया कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य और नौसैनिक क्षमताओं को कमजोर करना था।
4 बड़ी अपडेट्स
1. ट्रम्प का बड़ा ऐलान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले सभी जहाजों पर 20% शुल्क लगाया जाएगा। अमेरिका ने कहा कि वह इस रणनीतिक जलमार्ग की सुरक्षा करेगा और इसके बदले प्रत्येक कार्गो से शुल्क वसूलेगा। साथ ही ईरानी जहाजों और उनसे जुड़े ग्राहकों पर नए प्रतिबंध भी लगाए गए हैं।
2. ईरानी नौसैनिक ठिकानों पर हमला
CENTCOM ने बंदर अब्बास स्थित सबमरीन और नौसैनिक मेंटेनेंस फैसिलिटी पर सी-ड्रोन के जरिए हमला किया। अमेरिकी सेना का दावा है कि कार्रवाई का उद्देश्य ईरान की नौसैनिक क्षमता को नुकसान पहुंचाना था।
3. ईरान का जवाब
ईरान के सुप्रीम लीडर के सलाहकार मोहम्मद मोखबर ने कहा कि तेहरान होर्मुज स्ट्रेट पर अपना नियंत्रण नहीं छोड़ेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका के दबाव या हस्तक्षेप के आगे ईरान झुकने वाला नहीं है।
4. रूस की बढ़ी सक्रियता
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच रूस का विशेष कमांड एयरक्राफ्ट Tu-214PU तेहरान पहुंचने का दावा किया गया है। यह विमान बड़े सैन्य संकट या परमाणु युद्ध जैसी स्थिति में राष्ट्रपति और सैन्य कमांड सेंटर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
बढ़ सकता है क्षेत्रीय तनाव
होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते सैन्य तनाव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। इस मार्ग से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी सैन्य टकराव का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार, समुद्री व्यापार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। भारत भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और क्षेत्र में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सतर्क है।