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इंदौर में जिंदा महिला को SDM के आदेश में बताया मृत, अब उसी द्रौपदी बाई की शिकायत पर ₹100 करोड़ की जमीन धोखाधड़ी में FIR

इंदौर के राजेंद्रनगर थाने ने 26 जून को द्रौपदी बाई पति स्वर्गीय रणछौड़दास चौधरी के आवेदन पर दर्जन भर आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। इसमें एक आरोपी लाखन चौधरी भी है जो मध्यप्रदेश के हनी ट्रैप पार्ट टू (एमपी हनी ट्रैप पार्ट 2) में आरोपी होने के कारण जेल में बंद है।
द्रौपदी बाई ने बेटी सुनीता के साथ थाने में जाकर आवेदन दिया और इस पर धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ। आश्चर्यजनक बात यह है कि इस महिला को मृत बताया गया है। यहां तक कि एसडीएम ने आदेश में लिखा कि अपील करने वाली बेटी ने झूठ बोला और यह तथ्य छिपाया कि उनकी मां मर चुकी है।

 

द्रौपदी बाई ने क्या बताया

द्रौपदी बाई ने थाने में बताया कि उनके पति की बीजलपुर (राऊ तहसील) में 5.647 हेक्टेयर जमीन थी। इसकी कीमत आज करीब 100 करोड़ रुपए होती है। पति की मौत के बाद ससुराल वाले उन्हें कलेक्टोरेट ले गए और क्योंकि वह अनपढ़ हैं तो कुछ कागजों पर अंगूठा लगवाया। द्रौपदी यह भी कहा कि बाद में जब मेरी बेटी सुनीता ने जमीन के रिकॉर्ड निकलवाए तो पता चला कि वह जमीन मेरे नाम नहीं है और किसी अन्य के नाम हो चुकी है। मेरे साथ धोखाधड़ी की गई है।

 

एसडीएम बोले वो तो मर चुकी

इस मामले में द्रौपदी बाई की बेटी सुनीता पति सुभाष ने एसडीएम कोर्ट में अपील की। इसमें सुनवाई हुई। सूचना का प्रकाशन हुआ। इसके बाद 17 सितंबर 2024 को एसडीएम राऊ द्वारा अजीबोगरीब फैसला दिया गया। इसमें एसडीएम ने कहा था कि इस केस में पता चला कि द्रौपदी बाई की मौत हो चुकी है और उनकी जमीन अन्य को बेची जा चुकी है। इसका नामांतरण मई 1997 में ही हो चुका था। साथ ही एसडीएम बोले की इसमें कहीं भी अपीलकर्ता सुनीता का नाम नहीं है। उनकी मां द्रौपदी की मौत हो चुकी है और उनके द्वारा न्यायालय में इस बात को छिपाया गया कि उनकी मां मर चुकी है। उन्हें अपनी मां के निधन की जानकारी नहीं है, यह हास्यास्पद और संदेह के दायरे में है। इसलिए अपील यहीं पर खारिज की जाती है।

 

द्रौपदी के आवेदन पर किया केस

उधर पुलिस ने द्रौपदी बाई के आवेदन पर प्रारंभिक जांच के बाद धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं में दर्जन भर आरोपियों के खिलाफ केस किया है।
इसमें आरोपी कैलाश चौधरी, शंकर चौधरी, जगदीश चौधरी, प्रकाश चौधरी, विष्णु चौधरी, शांतिलाल चौधरी, राजन चौधरी, सदन चौधरी, पवित्रा चौधरी, पार्वती चौधरी, लखन चौधरी, मनोज चौधरी, राजू नागदावाला व अन्य बनाए गए हैं।

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