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डिहाइड्रेशन बन सकता है कई बड़ी बीमारियों का कारण, इस तरह करे पहचान और बचाव

अगर आप भी रोज कम पानी पीते ही तो अभी अपनी इस आदत को बदल दीजिए क्योंकि इस आदत का बुरा असर सीधा आपके दिल को हो सकता है। जब आप कम पानी पीते है तो शरीर में से पसीना नहीं निकलता है। इस वजह से पसीना के साथ खास पोषक तत्व जैसे- सोडियम और पोटेशियम भी बाहर नहीं निकल पाते हैं। ये पोषक तत्व दिल की धड़कन नियमित रखने, मसल्स और नसों को ठीक से काम करने में मदद करते हैं। कम पानी पीने पर यह तत्व शरीर से बाहर निकल जाते है और दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है।

ब्लड सर्कुलेशन पर भी होता है प्रभाव

शरीर में पानी की कमी होने से ब्लड सर्कुलेशन पर भी प्रभाव पड़ता है। जब शरीर में ब्लड पंप ठीक से नहीं होता तो शरीर के बाकी जरूरी हिस्सों तक ऑक्सीजन सप्लाई नहीं होती। इस वजह से हार्ट तेजी से ब्लड पंप करने लगता है, जिससे दिल की धड़कन बढ़ने लगती है। यह स्थिति हीटस्ट्रोक और गर्मी से होने वाली थकावट को बढ़ा देती है। इसमें भी खासकर, बुजुर्गों, बच्चों, दिल के मरीजों और लंबे समय तक बाहर रहने वाले लोगों को ज्यादा खतरा रहता है।

इन लक्षणों को न करे नज़रअंदाज

डिहाइड्रेशन के मुख्य लक्षण है- ज्यादा प्यास लगना, मुंह का सूखना, यूरिन का गहरा पीला रंग, सिर दर्द, मांसपेशियों में ऐंठन, थकान और दिल की धड़कन का बढ़ना। अगर आपको शरीर में यह लक्षण दिख रहे है बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करे और रोज कम से कम 8 लीटर पानी पिए। अगर समय पर ध्यान नहीं दिया गया तो यह कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।

इस तरह करे बचाव

डिहाइड्रेशन से बचने के लिए यह बाते जरूर ध्यान रखे- सबसे पहले हर थोड़ी देर में पानी पीने की आदत डाले। अगर आपको प्यास न लगे तब भी पानी पीते रहे। अगर आप ऐसा कोई काम करते हैं जिसमें ज्यादा पसीना आता है या फिर एक्सरसाइज करते हैं तो ओरल रिहाइड्रेशन सोल्यूशन और इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक समय-समय पर पीते रहने चाहिए। गर्मियों के दौरान हल्के कपड़े पहनें और दोपहर में धूप के सीधे संपर्क में आने से बचें। खाने में ऐसी चीजें शामिल करें जिनमें अच्छी खासी मात्रा में पानी हो, जैसे- तरबूज, खीरा और संतरे।

 

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