धार में 7 सितंबर को बाबा धारनाथ की छबीना यात्रा: राजशाही ठाठ-बाठ से निकलेंगे; 11 हजार रुद्राक्ष बांटे जाएंगे

धार। भगवान श्री धारनाथ की भव्य छबीना पालकी यात्रा 7 सितंबर सोमवार को राजशाही ठाठ-बाठ के साथ निकाली जाएगी। ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व रखने वाली इस यात्रा को लेकर श्री धर्म स्थान रक्षक मंडल ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। मंडल अध्यक्ष डॉ. शरद विजयवर्गीय के नेतृत्व में आयोजन की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
मंडल के सचिव अजय मनोहर सिंह ठाकुर ने बताया कि धार में बाबा धारनाथ के छबीना का धार्मिक महत्व उज्जैन और ओंकारेश्वर की परंपराओं के समान माना जाता है। मान्यता है कि बाबा धारनाथ राजा के रूप में नगर भ्रमण कर अपनी प्रजा का हाल जानने निकलते हैं। यात्रा में धार शहर के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।
81वें वर्ष में प्रवेश कर रही परंपरा
बाबा धारनाथ की छबीना यात्रा की परंपरा करीब 80 वर्ष पहले धार महाराज द्वारा शुरू की गई थी। इस वर्ष यह परंपरा 81वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। परंपरा के अनुसार बाबा धारनाथ को चांदी की पालकी में विराजमान कराया जाता है। पालकी को धार के माझी समाज के युवा नंगे पैर अपने कंधों पर उठाकर पूरे नगर का भ्रमण कराते हैं।
शाम 4 बजे महाआरती और गार्ड ऑफ ऑनर
छबीना यात्रा का शुभारंभ शाम 4 बजे श्री धारेश्वर मंदिर से होगा। यहां महाआरती के साथ बाबा धारनाथ को उज्जैन की तर्ज पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। इसके बाद पालकी यात्रा नगर भ्रमण के लिए रवाना होगी। रात्रि 12 बजे से पहले यात्रा के मंदिर परिसर में वापस पहुंचने की संभावना है। वापसी के बाद महाआरती और प्रसाद वितरण किया जाएगा।
11 हजार अभिमंत्रित रुद्राक्ष बांटे जाएंगे
इस वर्ष छबीना यात्रा के दौरान 11 हजार अभिमंत्रित रुद्राक्षों का नि:शुल्क वितरण भी किया जाएगा। आशुतोष विजयवर्गीय द्वारा अपने स्वयं के वाहन से श्रद्धालुओं को रुद्राक्ष वितरित किए जाएंगे।
आयोजन को भव्य और सफल बनाने के लिए मंडल के पदाधिकारी ज्ञानेंद्र त्रिपाठी, द्वारका अग्रवाल, कन्हैयालाल यादव, पूनम फकीरा, नवनीत जैन, ईश्वर सिंह ठाकुर सहित अन्य कार्यकर्ता तैयारियों में जुटे हुए हैं।