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देवास में श्रावण पूर्णिमा पर नरसिंह घाट पर उमड़ा ब्राह्मण समाज: वैदिक मंत्रों के साथ किया श्रावणी उपाकर्म; लिया प्राश्चित संकल्प

देवास। श्रावण माह की पूर्णिमा के पावन अवसर पर सर्व ब्राह्मण समाज ने नरसिंह घाट पर श्रावणी उपाकर्म का आयोजन किया। कार्यक्रम परंपरागत धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। बड़ी संख्या में विप्र समाजजन नरसिंह घाट के पवित्र जल तट पर एकत्रित हुए।

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आत्मशुद्धि और धार्मिक अनुष्ठान किए गए। समाजजनों ने दशगात्र स्नान कर शुद्धिकरण किया। इसके बाद प्राश्चित संकल्प लिया गया। हवन और तर्पण सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए गए।

ऋषियों और पितरों का किया तर्पण
श्रावणी उपाकर्म के दौरान पितरों और ऋषियों का तर्पण किया गया। सप्तर्षियों का विशेष पूजन भी हुआ। समाजजनों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद वैदिक मंत्रों की गूंज के बीच पुरानी यज्ञोपवीत का त्याग किया गया। सभी विप्रजनों ने विधि-विधान से नूतन यज्ञोपवीत यानी जनेऊ धारण किया।

प्राश्चित संकल्प का विशेष महत्व
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए पंडित गोपाल जोशी ने बताया कि श्रावण पूर्णिमा का पर्व ब्राह्मण समाज के लिए विशेष महत्व रखता है। श्रावणी उपाकर्म में प्राश्चित संकल्प का विशेष महत्व होता है। उन्होंने बताया कि इसके श्रवण और अनुपालन से वर्षभर में जाने-अनजाने में हुए दोषों और पापों का क्षय होता है। इस अवसर पर आत्मशुद्धि, ऋषि तर्पण, हवन और नूतन यज्ञोपवीत धारण करने का सनातन धर्म में विशेष आध्यात्मिक विधान है।

जयकारों से गूंज उठा नरसिंह घाट
धार्मिक अनुष्ठानों के समापन के बाद सभी उपस्थित जनों ने एक स्वर में भक्तिमय जयकारे लगाए। जयकारों से पूरा नरसिंह घाट धर्ममय और भक्तिमय माहौल से गूंज उठा। कार्यक्रम में हाटपिपल्या नगर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में विप्र समाजजन शामिल हुए। सभी ने धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता कर श्रावणी उपाकर्म को भक्तिभाव से संपन्न किया।

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