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रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त: इस समय रहेगा राहुकाल; राखी बांधते समय जरूर बोले ये मंत्र

भारत। शुक्रवार को देशभर में रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाएगा। भाई-बहन के इस त्योहार में सही पूजा और मुहूर्त का ध्यान रखना बहुत आवश्यक है। गलत समय में राखी बांधने पर भाई और बहन दोनों के जीवन पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। आइए जानते है राखी बांधने का सही समय और पूजा विधि।

दोपहर में भी शुभ मुहूर्त
रक्षाबंधन का पर्व इस बार 28 अगस्त शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी बांधने के लिए सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक का समय शुभ रहेगा। इस दौरान 3 घंटे 51 मिनट का समय मिलेगा। पूर्णिमा तिथि के साथ होने के कारण सुबह का समय विशेष माना जा रहा है।
यह रहेगा खास मुहूर्त
रक्षाबंधन के दिन सुबह के समय को अलग-अलग शुभ मुहूर्त में बांटा गया है। सुबह 7:33 बजे से 9:10 बजे तक लाभ मुहूर्त रहेगा। इसके बाद 9:10 बजे से 9:48 बजे तक अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त रहेगा। 10:45 से लेकर 12:27 तक राहूकाल रहेगा।  इस समय भाई को राखी बिल्कुल नहीं बांधे। 
दोपहर 12:23 से 2 बजे तक भी शुभ समय
कई बार नौकरी, यात्रा या अन्य कारणों से सुबह राखी बांधना संभव नहीं हो पाता। ऐसे परिवारों के लिए दोपहर का समय भी शुभ रहेगा। दोपहर 12:27 से 2 बजे तक राखी बांधी जा सकती है। 
27 अगस्त से शुरू हुई पूर्णिमा, 28 को समाप्त
श्रावण पूर्णिमा 27 अगस्त को सुबह 9:09 बजे शुरू हुई और 28 अगस्त को सुबह करीब 9:49 बजे समाप्त होगी। अलग-अलग स्थानों के पंचांग में एक-दो मिनट का अंतर हो सकता है। सूर्योदय की तिथि  होने से 28 अगस्त शुक्रवार को ही रक्षाबंधन मनाया जाएगा।

 

28 अगस्त को भद्रा की बाधा नहीं
राखी बांधने के समय भद्रा को लेकर भी विशेष सावधानी रखी जाती है। धार्मिक परंपरा में भद्राकाल के दौरान राखी नहीं बांधी जाती है। इस बार भद्राकाल 27 अगस्त को ही समाप्त हो जाएगा। 28 अगस्त को राखी बांधने के समय भद्रा की बाधा नहीं रहेगी।

राखी बांधते समय बोलें यह मंत्र
राखी बांधते समय इस मंत्र का जाप जरूर करें-

“येन बद्धो बलिराजा दानवेन्द्रो महाबलः।
तेन त्वामनुबध्नामि रक्षे मा चल मा चल॥”

भगवान विष्णु के भक्त राजा बलि से जुड़ी है मान्यता
धार्मिक मान्यता के अनुसार इस मंत्र में भगवान विष्णु के भक्त और दानवराज बलि का उल्लेख है। कहा जाता है कि जिस रक्षा सूत्र से राजा बलि की रक्षा हुई थी, उसी भावना के साथ भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा जाता है। मंत्र के साथ राखी बांधने से भाई के जीवन में आने वाली परेशानियां दूर होती हैं और भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम और विश्वास मजबूत होता है।
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