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काले हिरण के शिकार का आरोपी MPCA में शामिल: क्रिकेट की साख पर भारी पड़ा ‘प्रभाव’, पूर्व रणजी खिलाड़ी रमीज खान को मिली सदस्यता

इंदौर। मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एमपीसीए) में नए सदस्यों को जगह देने के फैसले पर सवाल खड़े होने लगे हैं। राज्य के संभ्रांत वर्ग, उद्योग जगत और राजपरिवार के प्रतिनिधित्व का दावा करने वाले इस प्रतिष्ठित संगठन ने छह नए चेहरों को सदस्यता दी है। इनमें सबसे विवादास्पद नाम पूर्व रणजी क्रिकेटर रमीज खान का है, जो चर्चित काले हिरण के शिकार मामले में आरोपी रहे हैं।

रमीज खान को 11 साल पहले सागर में वन विभाग ने काले हिरण के शिकार के आरोप में गिरफ्तार किया था। आरोप था कि वे शिकार किए गए हिरण को बोरे में भरकर बाइक से ले जा रहे थे। यह वही दुर्लभ प्रजाति है जिसके शिकार के मामले में अभिनेता सलमान खान वर्षों तक कानूनी पछड़े में फंसे रहे थे। गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड और वन्यजीव संरक्षण कानून के उल्लंघन के आरोपों के बावजूद उन्हें क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था में सम्मानजनक स्थान देना संगठन की मंशा और चयन प्रक्रिया पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है।

राजनीतिक असर और रसूख के बल पर एमपीसीए में दाखिले की चर्चाएं गर्म हैं। रमीज सागर संभाग से आते हैं और उनके परिवार का राजनीति में अच्छा दबदबा माना जाता है। संन्यास के बाद वे बीसीसीआई के अंपायर पैनल में शामिल हुए और अब एमपीसीए का हिस्सा बन गए हैं। खेलप्रेमियों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या प्रतिभा और साफ-सुथरी छवि से ऊपर राजनीतिक प्रभाव को तवज्जो दी जा रही है?

सचिव का बचाव: ‘मामला खत्म हो चुका है’
जब इस विवाद पर एमपीसीए के सचिव सुधीर असनानी से बात की गई, तो उन्होंने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि सभी का चयन उनके योगदान के आधार पर हुआ है। रमीज खान के आपराधिक बैकग्राउंड पर पर्दा डालते हुए उन्होंने कहा, “वे पूर्व क्रिकेटर और बीसीसीआई पैनल के अंपायर हैं। काला हिरण शिकार का मामला अब समाप्त हो चुका है।”

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अव्यवस्था की बानगी: पद पर बैठे, पर सदस्यता अब मिली
एमपीसीए के भीतर की अव्यवस्था इस बात से भी उजागर होती है कि इंदौर के संजीव दुआ, जो वर्तमान में प्रदेश संगठन के कोषाध्यक्ष हैं, वे अब तक संगठन के आधिकारिक सदस्य ही नहीं थे। उन्होंने एक क्लब प्रतिनिधि के रूप में नामांकन भरा था। इतने बड़े पद पर बैठे व्यक्ति को अब जाकर सदस्य बनाया जाना एमपीसीए की कार्यप्रणाली में मौजूद विसंगतियों को साफ दर्शाता है। इसके अलावा ज्योति सराफ जैन, संजय सांखला, अतुल भार्गव और इंद्रोजीराव कदम को भी सदस्यता दी गई है।

पिता भी हुए थे गिरफ्तार
सानोधा कस्बे में 11 साल पहले काले हिरण का शिकार करने पर वन विभाग ने मप्र रणजी क्रिकेट टीम के खिलाड़ी रमीज खान, पिता पूर्व रणजी खिलाड़ी महमूद खान समेत चार लोगों को पकड़ा था। खिलाड़ी की लाइसेंसी राइफल भी जब्त कर ली गई थी। शिकार के बाद ये लोग हिरण को बोरे में भरकर बाइक से ले जा रहे थे। ये उसी प्रजाति का काला हिरण है, जिसके शिकार के मामले में सलमान खान कोर्ट का सामना कर चुके हैं।

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