देवास जिले में किसान संघ का प्रदर्शन: फसल बीमा और मुआवजा बढ़ाने की उठी मांग; चेतावनी दी

हाटपिपलिया। भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में क्षेत्र के किसानों ने एकजुट होकर अपनी गंभीर समस्याओं को लेकर नायब तहसीलदार शीतल सोलंकी को मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। तहसील कार्यालय परिसर में बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई।
संगठन के नेताओं ने बताया कि इस समय क्षेत्र का किसान मौसम की मार, फसलों में बीमारी, बिजली-सिंचाई की परेशानी और मुआवजा न मिलने के कारण बहुत ज्यादा परेशान है।
फसल नुकसान का सर्वे और मुआवजे की मांग
ज्ञापन में बताया गया है कि क्षेत्र में सोयाबीन की फसल में वायरस और पीला मोजेक जैसी बीमारियों के कारण लगभग 35 से 40 प्रतिशत तक का नुकसान हुआ है। किसानों ने मांग की है कि अधिकारियों की टीम बनाकर खेतों की तुरंत जांच कराई जाए और प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा और बीमा की राशि दी जाए।

नर्मदा-कालीसिंध परियोजना का काम जल्द पूरा हो
नर्मदा-कालीसिंध परियोजना फेस-1 और फेस-2 के अधूरे पड़े कामों को तेजी से पूरा किया जाए, ताकि किसानों को आने वाले रबी सीजन में सिंचाई के लिए आसानी से पानी मिल सके। इसके अलावा, निर्माण कार्य से जिन किसानों की जमीन प्रभावित हुई है, उन्हें अब तक रुका हुआ मुआवजा तुरंत दिया जाए।
फसल बीमा की पुरानी व्यवस्था लागू करने की मांग
साल 2025 की खरीफ फसल का बीमा क्लेम कई गांवों में या तो मिला नहीं है या बहुत कम मिला है। किसानों ने इसकी निष्पक्ष जांच कराकर छूटे हुए किसानों को पैसे दिलाने की मांग की है। साथ ही, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सैटेलाइट से सर्वे करने का नियम बंद करके पुरानी पद्धति यानी फसल कटाई का तरीका फिर से शुरू करने की मांग की गई है।