DAVV पर फिर उठे सवाल: B.Ed छात्र का आरोप—ATKT का पुराना रिजल्ट दोबारा किया अपलोड
इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) एक बार फिर परीक्षा परिणाम को लेकर सवालों के घेरे में है। इस बार मामला बीएड चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र कृष्णपाल का है, जिसने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय ने उसकी एटीकेटी परीक्षा का नया परिणाम जारी करने के बजाय पुराना परिणाम ही दोबारा वेबसाइट पर अपलोड कर दिया। छात्र ने इस संबंध में परीक्षा नियंत्रक को लिखित शिकायत भी सौंपी है। DAVV के परिणाम पोर्टल पर 1 जुलाई 2026 को संबंधित परिणाम अपलोड होना दर्ज है।
आचार्य श्रीराम बीएड कॉलेज, बमनगांव के छात्र कृष्णपाल का कहना है कि वर्ष 2025 में बीएड चौथे सेमेस्टर के Educational Technology विषय में उसे 19 अंक प्राप्त हुए थे, जिसके कारण उसे एटीकेटी मिली। इसके बाद उसने दोबारा परीक्षा दी और नए परिणाम का इंतजार किया।
छात्र का आरोप है कि 1 जुलाई 2026 को घोषित एटीकेटी परिणाम में भी उसी विषय में फिर से 19 अंक दर्ज कर दिए गए। छात्र का दावा है कि विश्वविद्यालय ने नया परिणाम अपडेट करने के बजाय पुराना परिणाम ही दोबारा अपलोड कर दिया है। इसी शिकायत को लेकर उसने विश्वविद्यालय प्रशासन को आवेदन सौंपते हुए पूरे मामले की जांच और सही अंक अपडेट करने की मांग की है।
छात्र कृष्णपाल ने प्रदेश प्रकाश से बातचीत में विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के व्यवहार पर भी नाराजगी जताई। उसका कहना है कि विश्वविद्यालय में उसकी समस्या को गंभीरता से नहीं सुना गया और न ही कर्मचारियों ने स्पष्ट जानकारी दी। छात्र का आरोप है कि ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को उचित मार्गदर्शन मिलने के बजाय उन्हें बार-बार परेशान होना पड़ता है।
कृष्णपाल ने बताया कि वह खरगोन जिले के सनावद क्षेत्र के बोराड़ीमाल गांव से करीब 130 किलोमीटर की दूरी तय कर इंदौर पहुंचा था। उसका आरोप है कि विश्वविद्यालय ने रिव्यू (Review) कॉपी जांच की तारीख की भी कोई स्पष्ट सूचना नहीं दी, जिससे उसे समय पर आवश्यक प्रक्रिया की जानकारी नहीं मिल सकी। लंबी दूरी तय कर विश्वविद्यालय पहुंचने के बावजूद उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ और मामला सोमवार तक टाल दिया गया, जिससे उसे निराश होकर वापस लौटना पड़ा।
अब सवाल यह है कि यदि छात्र का दावा सही है, तो क्या इतनी बड़ी विश्वविद्यालय से परिणाम अपलोड करने में इतनी गंभीर तकनीकी या प्रशासनिक चूक हो सकती है? और यदि वास्तव में पुराना परिणाम ही दोबारा अपलोड हुआ है, तो यह केवल एक छात्र नहीं बल्कि पूरी परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करता है।
हालांकि, इस पूरे मामले में अभी तक DAVV प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि यह तकनीकी त्रुटि है, मूल्यांकन संबंधी मामला है या कोई अन्य कारण। इसकी पुष्टि विश्वविद्यालय की जांच और आधिकारिक जवाब के बाद ही हो सकेगी।
अब देखना होगा कि विश्वविद्यालय छात्र की शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और क्या इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाता है।