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MP की हर विधानसभा में बनेगा खेल स्टेडियम: मोहन कैबिनेट ने प्रस्ताव को दी मंजूरी; 10 एकड़ जमीन पर होगा निर्माण

भोपाल। मध्यप्रदेश कैबिनेट की बैठक में परिवहन, खेल, बिजली, औद्योगिक विकास और कनेक्टिविटी से जुड़े कई फैसले लिए गए। बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री चैतन्य काश्यप ने फैसलों की जानकारी दी।

प्रदेश की हर विधानसभा में आधुनिक मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित किया जाएगा। इसके लिए 940 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

जहां 10 एकड़ जमीन उपलब्ध होगी, वहां 7 करोड़ की लागत से इंडोर और आउटडोर खेल सुविधाएं विकसित की जाएंगी। खिलाड़ियों के लिए कोच समेत अन्य जरूरी व्यवस्थाएं भी रहेंगी।

काश्यप के मुताबिक, 140 विधानसभा क्षेत्रों में अभी इस स्तर के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स उपलब्ध नहीं हैं। वहीं, बाकी 90 स्थानों पर मौजूद सुविधाओं को भी बढ़ाया जाएगा।

स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में बनेगा हेलीपैड
नई योजना के तहत स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के मैदान के बीच हेलीपैड भी बनाया जाएगा। इसका इस्तेमाल एयर एंबुलेंस सेवा के लिए किया जा सकेगा। हेलीपैड 24 घंटे एयर एंबुलेंस के लिए उपलब्ध रहेगा। इससे जरूरत पड़ने पर ग्रामीण क्षेत्रों में भी एयर एंबुलेंस की सुविधा पहुंचाने में मदद मिलेगी।

25 सितंबर से सुगम परिवहन सेवा
प्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत 25 सितंबर को भोपाल से होगी। इस दिन 350 बसों को हरी झंडी दिखाई जाएगी। मार्च तक 1,000 बसों को इस व्यवस्था से जोड़ने का लक्ष्य है। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के शामिल होने की संभावना है।

ऑनलाइन ट्रैकिंग की सुविधा होगी
सरकार खुद बसों की खरीदी नहीं करेगी, बल्कि निजी बस ऑपरेटरों के सहयोग से सेवा संचालित की जाएगी। बसों में GPS, CCTV और ऑनलाइन ट्रैकिंग की सुविधा होगी। इलेक्ट्रिक बसों को प्राथमिकता दी जाएगी। वर्ष 2030-31 तक करीब 15 हजार बसें चलाने का लक्ष्य है। गांवों और शहरों को रेलवे स्टेशनों से जोड़कर कनेक्टिविटी बेहतर की जाएगी। PPP मॉडल पर 7 आधुनिक बस टर्मिनल भी विकसित किए जाएंगे।

इंदौर-जबलपुर के बीच औद्योगिक कॉरिडोर
इंदौर से भोपाल और भोपाल से जबलपुर के बीच ग्रीनफील्ड हाईवे का निर्माण किया जा रहा है। इंदौर से जबलपुर के बीच औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इसके तहत 4 स्थानों पर बड़े औद्योगिक क्षेत्र बनाए जाएंगे। साथ ही स्किल डेवलपमेंट के लिए स्किल सिटी विकसित करने की योजना है। इससे करीब 2 लाख रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है।

2800 मेगावाट थर्मल पावर खरीदने का फैसला
बढ़ती बिजली की मांग को देखते हुए कैबिनेट ने 2,800 मेगावाट थर्मल पावर खरीदने का फैसला लिया है। इससे प्रदेश की बढ़ती विद्युत जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। सरकार के अनुसार, यह वर्ष 2037 तक अनुमानित बिजली मांग को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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