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महाकाल दर्शन को आने वाली महिलाओं पर गैंग की नजर: भीड़ में कंगन काटकर हो जाते थे फरार; 4 आरोपी गिरफ्तार

उज्जैन। महाकाल दर्शन के लिए उज्जैन आने वाली बुजुर्ग महिला श्रद्धालुओं और रेलवे यात्रियों को निशाना बनाने वाले कंगन काटने वाले गैंग का जीआरपी और आरपीएफ ने पर्दाफाश किया है। संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 69 ग्राम सोने के छह कटे हुए कंगन और चार कटर बरामद किए गए हैं। बरामद सामान की कीमत करीब 9.50 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य मामलों की जानकारी जुटा रही है।

उज्जैन रेलवे स्टेशन और यहां से गुजरने वाली ट्रेनों में 15 दिनों के भीतर कंगन चोरी की चार घटनाएं सामने आई थीं। काचीगुडा, इंदौर-खड़की, नर्मदा एक्सप्रेस और नागदा-इंदौर पैसेंजर में महिलाओं के हाथ से सोने के कंगन काटकर आरोपी फरार हो गए थे। शिकायत मिलने के बाद जीआरपी ने चार अलग-अलग मामले दर्ज कर जांच शुरू की।

CCTV फुटेज खंगाले, मुखबिर से मिली सूचना
लगातार हो रही घटनाओं के बाद जीआरपी और आरपीएफ ने संयुक्त टीम बनाकर जांच तेज की। सुनील कुमार गुप्ता और नरेंद्र यादव के नेतृत्व में टीम ने रेलवे स्टेशन, ट्रेनों और शहर के आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले। इसी दौरान मुखबिर से गैंग की दोबारा वारदात करने की तैयारी की सूचना मिली। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने जीरो पॉइंट ब्रिज के पास घेराबंदी कर अभिजीत पंवार, कुणाल गायकवाड, नरेश गायकवाड और हुसैन शेख को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से छह कटे हुए सोने के कंगन और चार कटर बरामद किए गए।

भीड़ में घेरकर कटर से काटते थे कंगन
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस के सामने चार वारदातों को अंजाम देना कबूल किया। गैंग ट्रेन में चढ़ते और उतरते समय भीड़ का फायदा उठाते थे। आरोपी महिला यात्रियों को चारों तरफ से घेर लेते थे और उनकी गतिविधियों पर नजर रखते थे। मौका मिलते ही कटर से हाथ में पहना सोने का कंगन काटकर भीड़ में गायब हो जाते थे।

60 से 70 साल की महिलाएं निशाने पर रहती थीं
जांच में सामने आया कि गैंग खासतौर पर 60 से 70 साल की बुजुर्ग महिलाओं को निशाना बनाता था। महाकाल दर्शन के लिए उज्जैन आने वाली महिला श्रद्धालुओं पर भी आरोपियों की नजर रहती थी। भीड़ में महिलाओं को घेरकर वारदात करने के बाद आरोपी ट्रेन या स्टेशन की भीड़ में निकल जाते थे। गिरफ्तार आरोपी अंबरनाथ और ठाणे, महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। जांच के दौरान महाराष्ट्र में भी उनके आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने उज्जैन के अलावा अन्य शहरों में कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।

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