19 सितंबर को इंदौर में गूंजेगी युवाओं की आवाज: विधायक बोले- युवाओं के भविष्य से खिलवाड़; सरकार से मांगेंगे हिसाब

धार।19 सितंबर को इंदौर में आयोजित होने वाले बहुप्रतीक्षित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर सरदारपुर के विधायक प्रताप ग्रेवाल ने स्थानीय स्तर पर छात्र-छात्राओं और युवाओं से सीधा संवाद किया है। इस दौरान उन्होंने युवाओं से इस आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का जोरदार आह्वान किया है।
विधायक ग्रेवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 19 सितंबर महज किसी एक कार्यक्रम की तारीख नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के तमाम विद्यार्थियों और युवाओं द्वारा अपने उज्ज्वल भविष्य का हिसाब सरकार के सामने रखने का एक ऐतिहासिक दिन है। यह व्यवस्था से सीधे सवाल पूछने और अपने न्यायसंगत अधिकारों के लिए एकजुट होने का सुनहरा अवसर है।
शिक्षा का महत्व और युवाओं की बढ़ती चिंताएं
विधायक ग्रेवाल ने शिक्षा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा ही वह सशक्त माध्यम है जो समाज को अज्ञानता के अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाती है। यदि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी, तो निस्संदेह प्रदेश का भविष्य भी मजबूत और सुरक्षित बनेगा।
हालांकि, वर्तमान स्थिति यह है कि प्रदेश का विद्यार्थी अपनी पढ़ाई की सामान्य चिंताओं के साथ-साथ वर्तमान भर्ती प्रक्रियाओं की अनिश्चितता, प्रतियोगी परीक्षाओं की अंतहीन समस्याओं, बढ़ती बेरोजगारी और सरकारी भर्तियों में सामने आने वाली कथित अनियमितताओं के कारण गहरे मानसिक तनाव से गुजर रहा है।

भर्ती परीक्षाओं की अनिश्चितता और आउटसोर्सिंग पर निशाना
सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाते हुए विधायक ने कहा कि प्रदेश का युवा वर्षों तक कड़ी मेहनत करता है, कोचिंग की भारी-भरकम फीस भरता है और दिन-रात एक करके सरकारी नौकरी की आस में परीक्षाओं की तैयारी करता है। लेकिन जब ऐन वक्त पर पेपर लीक, भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी, परीक्षा विवाद, परिणामों में लंबी देरी या चयन प्रक्रिया के लटकने जैसी समस्याएं सामने आती हैं, तो सबसे बड़ा आघात उस युवा और उसके परिवार को लगता है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार का मुख्य दायित्व युवाओं को रोजगार के अवसर मुहैया कराना है, न कि उन्हें जटिल भर्ती प्रक्रियाओं के चक्कर में उलझाए रखना। एक तरफ जहां विभिन्न सरकारी विभागों में हजारों पद खाली पड़े हैं, वहीं दूसरी तरफ नियमित नियुक्तियां करने के बजाय आउटसोर्सिंग और संविदा व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे युवाओं के मन में भविष्य को लेकर गंभीर आशंकाएं पैदा हो रही हैं।
पारदर्शी भर्ती और नियमित पदों की मांग
विधायक ग्रेवाल ने मांग की है कि चयन और भर्ती व्यवस्था में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए, परीक्षाएं समय पर कराई जाएं और खाली पड़े पदों पर केवल नियमित भर्तियां की जाएं, क्योंकि यह युवाओं का मौलिक अधिकार है। सरकार को इन ज्वलंत मुद्दों से भागने के बजाय विद्यार्थियों और युवाओं को ठोस जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भर्ती घोटालों और भ्रष्टाचार के आरोपों ने आज युवाओं के मन में मौजूदा व्यवस्था के प्रति अविश्वास भर दिया है।
इंदौर में हुंकार भरने की अपील
कार्यक्रम को लेकर उन्होंने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ वास्तव में प्रदेश के युवाओं के भविष्य की बुलंद आवाज है। आगामी 19 सितंबर को छात्र अपने सभी वाजिब सवालों के साथ इंदौर पहुंचेंगे और सरकार को यह संदेश देंगे कि उन्हें कोरे भाषणों और लोकलुभावन घोषणाओं की नहीं, बल्कि बेहतर शिक्षा, स्थायी रोजगार और निष्पक्ष भर्ती प्रणाली का ठोस भरोसा चाहिए।
अंत में उन्होंने सरदारपुर विधानसभा क्षेत्र के सभी कॉलेजों, स्कूलों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा साथियों से अपील की है कि वे अपनी आवाज बुलंद करने के लिए बड़ी संख्या में इंदौर पहुंचें।