धार में दादा गुरुदेव का द्विशताब्दी महोत्सव: डिजिटल एप से गांव-गांव तक पहुंचेगा संगठन; त्रिस्तुतिक श्रीसंघ की हुई बैठक

धार। मोहनखेड़ा महातीर्थ में अखिल भारतीय श्री सौधर्म बृहद्तपागच्छीय त्रिस्तुतिक श्रीसंघ की मध्यप्रदेश इकाई का शपथ ग्रहण समारोह हुआ। कार्यक्रम गच्छाधिपति आचार्य श्री हितेशचंद्र सूरीश्वरजी म.सा. एवं मुनिमंडल की निश्रा में हुआ। समारोह की शुरुआत गुरुदेव के चित्र पर माल्यार्पण और सामूहिक गुरु वंदन के साथ हुई। कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष चंपालाल वर्धन, राष्ट्रीय महामंत्री पुष्पराज बोहरा, मेघराज जैन, मैनेजिंग ट्रस्टी सुजानमल सेठ, संजय सराफ सहित ट्रस्ट मंडल के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।
संजय मोदी को मिली प्रदेश की कमान
समारोह में संजय मोदी को मध्यप्रदेश इकाई का अध्यक्ष बनाया गया। पारस गादिया को प्रदेश महामंत्री और सिद्धार्थ जैन जी7 को कोषाध्यक्ष बनाया गया। राजेंद्र लोढ़ा को परामर्शदाता और अशोक भंडारी को संरक्षक की जिम्मेदारी दी गई। राहुल सेठ, गौरव सराफ और चेतन कोठारी को उपाध्यक्ष बनाया गया। मनीष सेठ को संयोजक और हर्ष मेहता को विधि प्रकोष्ठ का संयोजक बनाया गया। मनीष चॉइस, भूपेंद्र कांकरिया, सचिन सराफ, अभय चौपड़ा, ऋषभ नागदा और सौरभ जैन सहित अन्य पदाधिकारियों को भी शपथ दिलाई गई।
गच्छाधिपति आचार्य श्री हितेशचंद्र सूरीश्वरजी म.सा. ने कहा कि समाज को मजबूत बनाने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने अधिक से अधिक समाजजनों को संघ से जोड़ने की बात कही। हर पदाधिकारी को अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाने का संदेश दिया। मुनि पियूषचंद्र विजय ने कहा कि संगठन का उद्देश्य परिचय से विश्वास और विश्वास से सहयोग बढ़ाना है। उन्होंने हर परिवार से कम से कम एक सदस्य को संगठन से जोड़ने और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।
डिजिटल एप से गांव-गांव तक पहुंचेगा संगठन
बैठक में संगठन की आगे की योजनाओं पर चर्चा हुई। डिजिटल एप के जरिए समाजजनों को जोड़ने की योजना बनाई गई। सदस्यता अभियान चलाने और मध्यप्रदेश के गांव-गांव तक संगठन पहुंचाने पर भी जोर दिया गया। आगामी योजनाओं का प्रेजेंटेशन सिद्धार्थ जैन जी7 और चेतन कोठारी ने दिया। शिक्षा, स्वास्थ्य और समाजहित से जुड़े कामों को भी योजनाबद्ध तरीके से करने की बात कही गई।

द्विशताब्दी महोत्सव को लेकर संकल्प
बैठक में आगामी सुदी सप्तमी पर अधिक से अधिक समाजजनों से मोहनखेड़ा महातीर्थ पहुंचने का आह्वान किया गया। दादा गुरुदेव श्रीमद् विजय राजेंद्रसूरीश्वरजी म.सा. के 200वें जन्म द्विशताब्दी महोत्सव को भव्य बनाने का संकल्प भी लिया गया। अंत में सभी पदाधिकारियों ने समाज की एकजुटता, संगठन विस्तार और युवा पीढ़ी को जोड़ने के लिए लगातार काम करने का संकल्प लिया।