| | | |

हथिनीकुंड बैराज हादसे में लापता दोनों जवानों के शव मिले: एयरलिफ्ट कराकर चंडीगढ़ भेजा; ट्रेनिंग के दौरान पलटी थी मोटर बोट

यमुनानगर। हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज हादसे में लापता सेना के दोनों जवानों के शव मिल गए हैं। एक जवान का शव उत्तर प्रदेश में बैराज से 15KM दूर मिला। दूसरा 200 किलोमीटर बहकर हरियाणा के जींद की हांसी ब्रांच नहर तक पहुंचा। दोनों शव डाइविंग सूट पहने हुए मिले हैं। शाम 5 बजे जवान के शव को लेकर आर्मी का हेलीकॉप्टर जींद पुलिस लाइन से चंडीगढ़ के लिए रवाना हुआ।

दरअसल, मंगलवार शाम प्रैक्टिस के दौरान पांच जवान चिनूक हेलिकॉप्टर से यमुना में खड़ी बोट पर कूदे थे। इसी दौरान अचानक बोट डूब गई। तीन जवान तैरकर बाहर निकल आए। दो जवान लापता हो गए थे। हादसे के बाद सेना, NDRF, SDRF, पुलिस और प्रशासन की टीम यमुनानगर से लेकर आसपास की नहरों में सर्च ऑपरेशन चला रही थीं।

ट्रेनिंग के दौरान पलटी थी मोटर बोट
हादसा 1 सितंबर को हुआ था। 1 पैरा स्पेशल फोर्स के पांच जवान चिनूक हेलीकॉप्टर से यमुना नदी में मोटर बोट के जरिए वाटरमैनशिप ट्रेनिंग कर रहे थे। इसी दौरान बोट का इंजन अचानक बंद हो गया। नदी के तेज बहाव और भंवर की चपेट में आने से मोटर बोट पलट गई। नाव में मौजूद तीन जवान तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आए, जबकि महाराष्ट्र के आरएन पाटिल और जम्मू-कश्मीर के अजय तेज बहाव में बह गए।

हथनी कुंड बैराज: नाव पलटने के बाद 2 सैनिक लापता | आउटलुक इंडिया

सहारनपुर के पास मिला था पहला शव
लापता जवानों की तलाश के लिए सेना, वायुसेना, NDRF और SDRF की टीमों ने संयुक्त अभियान चलाया। बुधवार रात पहले जवान का शव उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के मिर्जापुर थाना क्षेत्र के असलमपुर बरथा गांव के पास यमुना नदी से बरामद किया गया था।

तलाश का दायरा बढ़ाने पर जींद में मिला दूसरा शव
पहला शव मिलने के बाद सर्च ऑपरेशन का दायरा और आगे बढ़ाया गया। इसी दौरान दूसरे जवान का शव जींद जिले में हांसी ब्रांच नहर के पास मिला। शव मिलने के बाद करीब 35 घंटे से जारी तलाश अभियान पूरा कर दिया गया।

Hathnikund Barrage Rescue Operation | Army Soldiers Missing in Yamuna

50 से ज्यादा जवानों ने चलाया अभियान
दोनों कमांडो की तलाश में सेना, वायुसेना के हेलीकॉप्टर, NDRF और SDRF की 50 से अधिक जवानों वाली टीमों ने मिलकर अभियान चलाया। दोनों जवान हिमाचल प्रदेश में तैनात 1 पैराशूट बटालियन (विशेष बल) का हिस्सा थे। वाटरमैनशिप और बाढ़ राहत अभ्यास के दौरान ड्यूटी निभाते हुए दोनों जवानों की जान चली गई।

Share