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नेपाल-तिब्बत सीमा पर फिर फटी झील: बाढ़ का खतरा बढ़ा; 3 की मौत, 558 लापता

काठमांडू। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास एक और झील फट गई है। यह झील चोचेन नदी और पुरेपु त्सांगपो नदी के संगम के पास बनी थी।

चीन ने एक दिन पहले ही इस झील के फटने की आशंका जताई थी। झील फटने के बाद नदियों में पानी का स्तर बढ़ने लगा है, जिससे नेपाल और तिब्बत में एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

गांवों को खाली कराया
खतरे को देखते हुए नेपाल के रसुवा जिले में रेस्क्यू ऑपरेशन करीब 90 मिनट के लिए रोक दिया गया। नदी के रास्ते में आने वाले गांवों को खाली कराया जा रहा है। स्थानीय लोगों और सुरक्षाकर्मियों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

तिब्बत में भी लेवल-4 अलर्ट

चीन ने तिब्बत में भी राहत और बचाव अभियान रोक दिया है। दोबारा बाढ़ आने की आशंका को देखते हुए लेवल-4 अलर्ट जारी किया गया है। अधिकारियों ने नदी के आसपास के इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।

अब तक 478 मौतें, 1500 से ज्यादा लापता
बाढ़ और भूस्खलन से नेपाल और तिब्बत में अब तक 478 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 1,500 से ज्यादा लोग लापता हैं। इनमें 290 भारतीय नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। नेपाल में 469 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और 977 लोग अब भी लापता हैं। लापता लोगों में 517 विदेशी नागरिक, 45 नेपाली सेना के जवान और 41 नेपाल पुलिसकर्मी शामिल हैं। तिब्बत में 3 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 558 लोग लापता हैं। इनमें 260 विदेशी नागरिक शामिल हैं।

हेलीकॉप्टर से होगा हवाई निरीक्षण

बाढ़ के बाद बनी झील के चीन की ओर बढ़ने की खबरों के बीच भोटेकोशी और रसुवा के आसपास के इलाकों में नए खतरे का जायजा लेने की तैयारी की जा रही है। त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर (RCC) के अधिकारी के मुताबिक, धुंचे और रसुवा में पहले से तैनात हेलीकॉप्टरों को हवाई निरीक्षण के लिए भेजा जाएगा। इसके जरिए झील और नदियों के आसपास की स्थिति का आकलन किया जाएगा।

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