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धार में 20 दिन से एक ही जगह बैठी नागिन: नागपंचमी पर जुटे थे 2 हजार से ज्यादा लोगों; वन विभाग ने जंगल में छोड़ा

धार। ग्राम साली में पिछले 20 दिनों से एक ही जगह बैठी नागिन का वन विभाग और पुलिस की टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू किया। टीम ने नागिन को आबादी क्षेत्र से दूर जंगल में छोड़ दिया। नागिन के लगातार एक ही जगह रहने से ग्रामीणों में इसे लेकर धार्मिक विश्वास बढ़ गया था। कई लोग इसे लोक देवता ‘भीलट देव’ का चमत्कार मानकर पूजा-पाठ करने लगे थे।

चमत्कार मानकर जुटने लगी भीड़
नागिन के कई दिनों तक एक ही जगह बैठे रहने की खबर आसपास के गांवों में फैल गई। इसके बाद आसपास के गांवों के साथ दूसरे जिलों से भी लोग वहां पहुंचने लगे। नागपंचमी के दिन यहां 2 हजार से ज्यादा लोगों की भीड़ जुटी थी। लोगों की इतनी भीड़ और लगातार हलचल के बाद भी नागिन अपनी जगह से नहीं हिली। ग्रामीणों ने वहां पूजा-अर्चना शुरू कर दी थी। वहां मंदिर बनाने की योजना भी बनाई जाने लगी थी।

पहले भी पकड़कर छोड़ा था ग्रामीणों के अनुसार, वन विभाग की टीम कुछ दिन पहले भी नागिन को पकड़कर करीब 50 मीटर दूर जंगल में छोड़ चुकी थी। लेकिन कुछ ही घंटे बाद नागिन फिर उसी जगह आकर बैठ गई। दिन-रात एक ही जगह रहने के कारण ग्रामीणों का विश्वास और मजबूत हो गया। लोग इसे चमत्कार मानने लगे।

बढ़ती भीड़ को देखते हुए पहुंची टीम
नागिन को देखने के लिए लगातार भीड़ बढ़ रही थी। इससे सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई थी। इसके बाद वन विभाग और पुलिस की टीम ग्राम साली पहुंची। उपवन क्षेत्रपाल केसरसिंह बघेल के साथ भारतसिंह रावत, देवसिंह चौगढ़ और मुकेश डावर की टीम ने सावधानी से नागिन का रेस्क्यू किया।

स्वस्थ नागिन को जंगल में छोड़ा
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार नागिन पूरी तरह स्वस्थ है। रेस्क्यू के बाद उसे आबादी क्षेत्र से काफी दूर सुरक्षित प्राकृतिक स्थान यानी जंगल में छोड़ दिया गया। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वन्यजीवों को लेकर अंधविश्वास न फैलाएं और किसी भी सांप या अन्य वन्यजीव के दिखाई देने पर खुद पकड़ने के बजाय वन विभाग को सूचना दें।

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