सिहोर में 11KM निकली यात्रा: पं. प्रदीप मिश्रा बोले- रावण से जुडी है कांवड़ की कहानी: माता पार्वती ने संतान के लिए चढ़या था जल

सीहोर। सावन मास के पवित्र महीने में सीहोर में सोमवार को भव्य कांवड़ यात्रा निकाली गई। अंतरराष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा (सीहोर वाले) के सान्निध्य में हुई इस यात्रा में देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में शिवभक्त पहुंचे।
आयोजकों के अनुसार, यात्रा में 2 लाख से ज्यादा श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे रास्ते हर-हर महादेव और श्री शिवाय नमस्तुभ्यम् के जयकारे गूंजते रहे। कांवड़ यात्रा की शुरुआत शहर की पवित्र सीवन नदी के तट से हुई।
यहां पंडित प्रदीप मिश्रा के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने नदी से जल भरा। इसके बाद भक्त कांवड़ लेकर पैदल यात्रा पर निकल पड़े। करीब 11 किलोमीटर का रास्ता तय कर श्रद्धालु कुबेरेश्वर धाम (चितावलिया हेमा) पहुंचे।
जगह-जगह हुई सेवा
यात्रा के दौरान पूरा रास्ता शिवभक्तों से भरा नजर आया। बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और युवा कांवड़ लेकर चलते दिखाई दिए। श्रद्धालु भजन और शिव नाम का जाप करते हुए आगे बढ़ते रहे। माहौल पूरी तरह भक्तिमय नजर आया।
यात्रा मार्ग में श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए कई जगह इंतजाम किए गए थे। सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने सेवा शिविर लगाए। यहां भक्तों को पानी, फलाहार और अन्य जरूरी चीजें दी गईं। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा भी की गई।
लंबी दूरी तय करने के दौरान भक्तों की सुविधा का भी ध्यान रखा गया। सेवा शिविरों में लोगों को आराम करने और पानी पीने की व्यवस्था की गई थी। इससे यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को काफी राहत मिली।

कुबेरेश्वर धाम में किया जलाभिषेक
करीब 11 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी करने के बाद श्रद्धालु कुबेरेश्वर धाम पहुंचे। यहां भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ से परिवार की सुख-समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की। कांवड़ यात्रा के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही। शिवभक्तों में यात्रा को लेकर खास उत्साह दिखाई दिया।

सुरक्षा और ट्रैफिक के भी इंतजाम
2 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए प्रशासन और आयोजन समिति ने सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए थे। यात्रा मार्ग पर पुलिस बल तैनात रहा। इसके साथ ही पार्किंग और यातायात व्यवस्था को भी व्यवस्थित किया गया, ताकि श्रद्धालुओं को परेशानी न हो। आयोजन श्री विट्ठलेश सेवा समिति की ओर से किया गया। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने सेवा कार्यों में भी हिस्सा लिया। सावन के इस आयोजन से सीहोर में पूरे दिन धार्मिक माहौल बना रहा।