रक्षाबंधन पर लॉन्च हुआ ‘रक्षा का धागा’: नशे और गलत संगत से दूर रहने का संदेश; युवाओं को किया गया प्रेरित

इंदौर। रक्षाबंधन के त्योहार को भाई-बहन के रिश्ते, विश्वास और सुरक्षा के संकल्प से जोड़ते हुए ‘रक्षा का धागा’ नाम से विशेष जनजागरूकता अभियान शुरू किया गया है। अभियान के माध्यम से युवाओं को नशे और गलत संगत से दूर रहने तथा अपने भविष्य और परिवार के सपनों को प्राथमिकता देने का संदेश दिया गया है।
अभियान के तहत जारी वीडियो में एक ऐसे युवा की कहानी दिखाई गई है, जो पढ़ाई के लिए घर से दूर रहने के दौरान गलत संगत और नशे की गिरफ्त में आ जाता है। पैसों की जरूरत पड़ने पर वह अपनी मां से झूठ बोलकर पैसे मांगता है। इसी बीच उसे अपनी बहन के डॉक्टर बनने की सफलता की खबर मिलती है।
बहन फोन पर खुद को डॉक्टर बताते हुए भाई से कहती है कि उसे उस पर गर्व है। बहन के सपने और परिवार का भरोसा युवा को भीतर तक प्रभावित करता है। इसके बाद वह नशे से दूरी बनाने का फैसला करता है। नशे की सामग्री फेंककर पढ़ाई पर ध्यान देने और गलत संगत छोड़ने का संकल्प लेता है।
परिवार का भरोसा बदलाव की ताकत
अभियान से जुड़े संदेश में कहा गया है कि रक्षाबंधन केवल राखी बांधने और उपहार देने तक सीमित त्योहार नहीं है। यह अपनों को सही दिशा देने और मुश्किल समय में उनके साथ खड़े रहने का अवसर भी है।
अभियान का उद्देश्य किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने के बजाय युवाओं को समय रहते सही रास्ता चुनने के लिए प्रेरित करना है। नशे से जुड़े बढ़ते जोखिमों के बीच परिवार, दोस्त और समाज की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया गया है।
‘नशे के पीछे नहीं, सपनों के पीछे भागें’
अभियान के जरिए युवाओं से अपील की गई है कि वे नशे और गलत संगत से दूरी बनाकर अपने लक्ष्य पर ध्यान दें। साथ ही परिवारों से भी अपनों के सपनों और संघर्ष में उनका साथ देने का संदेश दिया गया है।