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कोटा में मिड-डे मील के बाद 27 बच्चे बीमार: उल्टी, चक्कर और पेट दर्द की शिकायत; अस्पताल में भर्ती

कोटा। राजस्थान के कोटा में सोमवार को मिड-डे मील खाने के बाद 27 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। मामला रणपुर क्षेत्र के पूनिया देवड़िया सरकारी स्कूल का है। बच्चों ने उल्टी, पेट दर्द, चक्कर और घबराहट की शिकायत की।

मिड-डे मील खाने के करीब दो घंटे बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। किसी को उल्टी हुई तो किसी को चक्कर और पेट दर्द की शिकायत हुई। खाने में कद्दू की सब्जी भी दी गई थी।

स्कूल में कुल 130 बच्चे पढ़ते हैं। सोमवार को इनमें से 110 बच्चे उपस्थित थे। 21 बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। इनमें से 17 को न्यू मेडिकल कॉलेज और 4 को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

छुट्टी के समय बिगड़ी तबीयत
स्कूल के प्रिंसिपल चंद्र प्रकाश ने बताया कि छुट्टी होने वाली थी। इसी दौरान कुछ बच्चों ने तबीयत खराब होने की बात कही। जिन बच्चों की हालत ज्यादा खराब थी, उन्हें तुरंत कोटा भेजा गया। एक बच्चे की मां ने बताया कि उनका बेटा कक्षा 4 में पढ़ता है। खाना खाने के बाद उसे चक्कर आया और वह गिर गया। घर पहुंचने के बाद उसकी तबीयत और बिगड़ गई। इसके बाद परिवार उसे अस्पताल लेकर गया।


शिक्षा मंत्री भी पहुंचे कोटा
मामले की जानकारी मिलने के बाद शिक्षा मंत्री मदन दिलावर जयपुर से कोटा पहुंचे। उन्होंने बच्चों की स्थिति और पूरे मामले की जानकारी ली। जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक रूप सिंह मीणा भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और अधिकारियों से घटना की रिपोर्ट मांगी।

कोटा में मिड-डे मील खाने के बाद 27 बच्चों की बिगड़ी तबीयत। (एएनआई)

खाने से ही बीमारी हुई, अभी साफ नहीं
अधिकारियों ने बताया कि मिड-डे मील एक सहकारी समिति की ओर से तैयार कर स्कूल में भेजा गया था। यही खाना करीब 8 से 9 स्कूलों में पहुंचाया गया था। दूसरे स्कूलों से बच्चों के बीमार होने की सूचना नहीं मिली है। अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि बच्चों की तबीयत सिर्फ खाना खाने से ही खराब हुई। तेज गर्मी, उमस या पानी की समस्या की भी जांच की जा रही है।

जांच के बाद सामने आएगा कारण
घटना के बाद स्कूल में मेडिकल टीम भेजी गई है। बच्चों के स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही है। खाने और पानी की जांच सहित अन्य पहलुओं को देखा जा रहा है। बच्चों में सबसे ज्यादा उल्टी की शिकायत सामने आई। अस्पताल में बच्चों को दवा दी गई और उनकी हालत पर नजर रखी जा रही है।अधिकारियों के मुताबिक बीमारी की सही वजह मेडिकल और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगी।

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