झाबुआ में बच्चों ने निकाली महाकाल की शाही सवारी: मिट्टी से बनाई मूर्ति; सभी नगरवासी हुए शामिल

झाबुआ। सनातन संस्कृति और संस्कारों से बच्चों को जोड़ने की दिशा में भैरूजी मंदिर, बामनिया रोड, पेटलावद पर हर मंगलवार को बाल संस्कारशाला का आयोजन किया जाता है।
इसमें बच्चों को सामूहिक रूप से गायत्री चालीसा, गायत्री महामंत्र एवं हनुमान चालीसा का पाठ करवाने के साथ धर्म, संस्कृति एवं संस्कारों के प्रति जागरूक किया जाता है।
अंतिम श्रावण सोमवार को भगवान महाकाल के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए बच्चों ने महकाल की मूर्ति बनाई। बच्चों ने मिट्टी से महाकाल की प्रतिमा तैयार करके भव्य शाही सवारी निकाली।
बामनिया रोड से हुई शुरुआत
शाही सवारी की शुरुआत मांडा भैरूजी मंदिर, बामनिया रोड से हुई। सवारी पिपलेश्वर महादेव मंदिर पहुंची, जहां दर्शन-पूजन के पश्चात नीलकंठेश्वर महादेव के दर्शन किए गए। इसके बाद सवारी पुनः भैरूजी मंदिर पहुंची, जहां विधि-विधान से भगवान महाकाल की आरती उतारी गई।
बच्चों की आस्था देखकर खुश हुए श्रद्धालु
इस दौरान बच्चों में विशेष उत्साह एवं श्रद्धा का भाव देखने को मिला। बच्चों की सनातन संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और भगवान शिव के प्रति आस्था को देखकर सभी खुश हुए। श्रद्धालुओं एवं नगरवासियों ने बच्चों की तारीफ की।