| | |

इंदौर हाईकोर्ट में अवंतिका गैस पाइपलाइन हादसे की सुनवाई: जानकारी गलत होने पर कोर्ट ने जताई नाराजगी; SDM ने मांगी माफी

इंदौर। विजय नगर स्थित अवंतिका गैस पाइपलाइन हादसे को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हादसे में झुलसे लोगों के इलाज और मुआवजे पर कोर्ट ने संज्ञान लिया। पिछली सुनवाई में शपथ पत्र में इलाज का पूरा खर्च चुकाए जाने की जानकारी गलत पाए जाने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई थी।

गलत जानकारी के लिए मांगी माफी 
आज जूनी इंदौर के एसडीएम घनश्याम धनगर कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश हुए। शपथ पत्र में गलत जानकारी दिए जाने पर कोर्ट से माफी मांगी। शासन की ओर से कोर्ट को बताया गया कि शपथ पत्र में मुआवजे और इलाज के खर्च से संबंधित जानकारी समझाने में गलती हो गई थी।

इलाज के साथ उचित मुआवजा भी दे 
शासन ने आश्वस्त किया कि हादसे में झुलसे सभी लोगों के इलाज का खर्च सरकार द्वारा अदा किया जाएगा। कोर्ट ने शासन और नगर निगम को यह सुनिश्चित करने को कहा कि पीड़ितों को इलाज के साथ उचित मुआवजा भी मिले।

14 लाख रुपए का बिल शासन ने नहीं चुकाया
गुरुवार को कोर्ट को बताया गया था कि हादसे में झुलसे सभी लोगों के इलाज का खर्च सरकार चुका चुकी है। हालांकि, पीड़ितों की ओर से इस दावे को गलत बताया गया था। खासकर इन्फ्लुएंसर गिरी उर्फ राजकुमारी झाला की ओर से बताया गया था। अहमदाबाद में उनका इलाज जारी है और करीब 14 लाख रुपए का अस्पताल बिल अब तक शासन ने नहीं चुकाया है।

सभी झुलसे लोगों का इलाज खर्च सरकार देगी
आज सुनवाई के दौरान शासन ने स्पष्ट किया कि हादसे में झुलसे किसी भी व्यक्ति को इलाज के खर्च को लेकर परेशान नहीं होना पड़ेगा। सभी पीड़ितों के उपचार का खर्च शासन द्वारा वहन किया जाएगा। कोर्ट ने भी शासन से यह सुनिश्चित करने को कहा कि पीड़ितों को उनके इलाज और मुआवजे का लाभ मिले।

अगली सुनवाई में तय होगी राशि 
अब हादसे में झुलसे लोगों को कितनी राशि मुआवजे के रूप में दी जाएगी। इसका निर्धारण अगली सुनवाई में होगा। इसके लिए हाईकोर्ट ने 27 अगस्त की तारीख तय की है।

संचार नगर गैस लीकेज हादसे पर भी कोर्ट नाराज
सुनवाई के दौरान हाल ही में संचार नगर में गैस पाइपलाइन लीकेज के बाद आग लगने की घटना का मुद्दा भी उठा। इस पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई। शासन तथा नगर निगम से कहा कि वे यह सुनिश्चित करें कि इस हादसे में झुलसे लोगों को भी उचित मुआवजा मिले। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों से इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने और पीड़ितों के हितों की रक्षा को लेकर गंभीरता बरतने के निर्देश दिए।

अवंतिका गैस एजेंसी को भी रखना होगा अपना पक्ष
मामले की सुनवाई के दौरान अवंतिका गैस एजेंसी की ओर से अब तक पक्ष सामने नहीं आया है। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई में एजेंसी का पक्ष भी प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में 27 अगस्त को होने वाली सुनवाई में शासन के साथ-साथ गैस एजेंसी की भूमिका और जिम्मेदारी से जुड़े पहलुओं पर भी चर्चा हो सकती है।

Share