बड़वानी में कोटेदारों ने किया प्रदर्शन: कमीशन बढ़ाने की कर रहे मांग; कहा- पूरे प्रदेश में करेंगे हड़ताल

बड़वानी। राशन की दुकानों के संचालकों ने अपनी अलग-अलग मांगों को लेकर मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। राशन विक्रेताओं ने कमीशन बढ़ाने की मांग को लेकर, कटौती बंद करने और समस्या का समाधान करने को कहा है। उन्होंने कहा है कि मांगे पूरी नहीं हुई तो प्रदेशभर के राशन दुकानदार एक साथ हड़ताल और आंदोलन करेंगे।
कमीशन की कमी से परेशान हो रहे विक्रेता
राशन दुकानदारों का कहना है कि बिना किसी लिखित सूचना कमीशन में लगातार कटौती की जा रही है। महंगाई के दौर में मिलने वाली राशि से दुकान का किराया, बिजली बिल, इंटरनेट खर्च और परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो रह है।
रवीता डुडवे ने बताया कि दुकान संचालन से जुड़े सभी खर्च दुकानदारों को ही उठाने पड़ते हैं। वहीं, रामचंद्र सोलंकी ने आरोप लगाया कि हर महीने 2 से 2.5 क्विंटल राशन की घट आती है, जिसकी भरपाई भी दुकानदारों से करवाई जाती है।
सर्वर और तौल की समस्या भी बनी हुई है
वेयरहाउस से कई बार कम मात्रा में राशन पहुंचता है और ऑनलाइन सर्वर और मशीनों में दिक्कतें आती रहती हैं। इसके बावजूद समस्याओं का जिम्मेदार दुकानदारों को ठहराया जाता है।
9 मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
राशन विक्रेताओं ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में 9 प्रमुख मांगें रखीं। इनमें कमीशन भुगतान की निश्चित तारीख तय करना, कमीशन बढ़ाकर 25 हजार रुपए प्रतिमाह करना, स्थायी भवन उपलब्ध कराना, प्राकृतिक घट की भरपाई करना और अब तक की गई कटौती वापस करना शामिल है।
इसके अलावा खाद्यान्न वाहन की समय सीमा तय करने, तौल में गड़बड़ी रोकने, ऑनलाइन सर्वर समस्या, बीमा और स्वास्थ्य सुविधाएं देने और सरकारी कर्मचारियों को एक जैसा सम्मान देने की मांग भी की है।
हनुमान मंदिर में भगवान को भी सौंपा ज्ञापन
कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन देने के बाद राशन विक्रेता संकट मोचन हनुमान मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान को भी ज्ञापन सौंपकर अधिकारियों को सद्बुद्धि देने और अपनी मांगें पूरी होने की प्रार्थना की।
मांगें नहीं मानी तो आंदोलन की करेंगे
राशन विक्रेताओं ने कहा कि यदि तय समय में उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया तो मध्यप्रदेश के सभी उचित मूल्य दुकान संचालक एकजुट होकर प्रदेशभर में हड़ताल करेंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन की इसकी जिम्मेदारी प्रशासन प्रशासन की होगी।