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विधवा आदिवासी महिला साथ गेंग रेप; मध्यप्रदेश बना क्राइम कैपिटल और अपराधियों का सुरक्षित ठिकाना, दलित-आदिवासी महिलाएं असुरक्षित – विक्रांत भूरिया

इंदौर। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अमित चौरसिया ने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आदिवासी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं झाबुआ विधायक  विक्रांत भूरिया ने इंदौर के एमटीएच अस्पताल पहुंचकर अलीराजपुर जिले के बोरी थाना क्षेत्र की उस पीड़ित आदिवासी विधवा महिला से मुलाकात की, जिसके साथ लूटपाट के बाद सामूहिक दुष्कर्म और अमानवीय क्रूरता की घटना सामने आई है। भूरिया ने पीड़िता के परिजनों से चर्चा की तथा चिकित्सकों से उपचार की जानकारी ली।

चिकित्सकों ने बताया कि पीड़िता को अत्यंत गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया था। उसके शरीर पर गंभीर चोटों के साथ गुप्तांग में भी गंभीर आंतरिक क्षति थी, जिसके कारण तत्काल शल्य चिकित्सा करनी पड़ी। वर्तमान में उसकी स्थिति स्थिर है, लेकिन वह चिकित्सकीय निगरानी में है।

विक्रांत भूरिया ने कहा कि यह केवल एक महिला पर हमला नहीं, बल्कि पूरे आदिवासी समाज की अस्मिता पर हमला है। मध्यप्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, जो स्वयं गृह मंत्री भी हैं, प्रदेशवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल साबित हुए हैं।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के उपलब्ध आंकड़े लगातार यह संकेत देते रहे हैं कि मध्यप्रदेश महिलाओं के विरुद्ध अपराध, अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति के विरुद्ध अपराधों के मामलों में देश के शीर्ष राज्यों में शामिल रहा है। प्रदेश के आदिवासी और दलित क्षेत्रों में हत्या, लूट, दुष्कर्म और अत्याचार की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे आम नागरिकों में भय का वातावरण है।

भूरिया ने कहा कि अलीराजपुर की यह वीभत्स घटना कोई अपवाद नहीं है। हाल ही में खंडवा जिले में भी एक आदिवासी महिला के साथ हुई जघन्य आपराधिक घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। इन लगातार हो रही घटनाओं से स्पष्ट है कि प्रदेश में दलितों और आदिवासियों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता नहीं रह गई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने भी स्टाफ की कमी की बात स्वीकार की है। यदि पुलिस बल पर्याप्त नहीं है तो प्रदेश सरकार इसकी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। जब स्वयं गृह विभाग संसाधनों के अभाव से जूझ रहा हो, तब अपराधियों के हौसले बुलंद होना स्वाभाविक है।

 विक्रांत भूरिया ने मुख्यमंत्री से मांग की है

  • इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय एसआईटी से जांच कराई जाए
  • सभी आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर कठोरतम दंड दिलाया जाए
  • पीड़ित परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता, सुरक्षा और समुचित पुनर्वास उपलब्ध कराया जाए
  • आदिवासी अंचलों में रिक्त पुलिस पदों पर तत्काल नियुक्तियां कर कानून व्यवस्था मजबूत की जाए

उन्होंने बताया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने घटना की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है, जिसमें पूर्व मंत्री बाला बच्चन, पूर्व मंत्री विजयलक्ष्मी साधौ, विधायक झूमा सोलंकी, विधायक सेना पटेल तथा विक्रांत भूरिया शामिल हैं। समिति घटनास्थल एवं संबंधित तथ्यों का अध्ययन कर विस्तृत प्रतिवेदन प्रदेश कांग्रेस कार्यालय को सौंपेगी।

भूरिया ने कहा कि 20 जुलाई से प्रारंभ होने वाले मध्यप्रदेश विधानसभा सत्र में इस वीभत्स घटना सहित प्रदेश में दलितों, आदिवासियों और महिलाओं पर बढ़ते अपराधों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाएगा तथा सरकार से जवाब मांगा जाएगा।

एमटीएच अस्पताल, इंदौर में इस दौरान झाबुआ कांग्रेस संगठन प्रभारी अमन बजाज, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अमित चौरसिया, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष निलेश सेलू सेन, बलवंत टट्टवाड़े, प्रतीक मित्तल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।

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