नाना पटवारी ड्रग केस में मिस्ट्री गर्ल और ऑनलाइन गेमिंग की एंट्री, ड्रग पैडलर्स से आमना-सामना; बैंक खाते और मनी ट्रेल की जांच
जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी से पुलिस ने एक बार फिर शनिवार, 11 जुलाई को चार घंटे तक लंबी पूछताछ की। इस दौरान ड्रग पैडलर से आमना-सामना कराया। पैडलर ने कहा कि नाना को ही ड्रग देने जा रहे थे, वहीं नाना ने इससे इन्कार किया। अब पुलिस उनके बैंक खातों की डिटेल और मनी ट्रेल भी देख रही है कि कहां कैसे लेन-देन हुआ। वहीं एक युवती के बयान की भी बात कही जा रही है। उधर एक अन्य युवती (मिस्ट्री गर्ल) शनिवार को सामने आई और उसने दावा किया कि नाना तो बहुत अच्छे इंसान हैं और शराब भी नहीं पीते हैं।
कहानी यहां से शुरू होती है
बुधवार को पुलिस ने इरफान खान उर्फ गोलू चंदेरी और रौनी भाई उर्फ संजय कौशल को पकड़ा। इनके पास 10.80 ग्राम ब्राउन शुगर थी। पुलिस ने कहा कि यह ड्रग नाना पटवारी को सप्लाई होना थी। नाना को गुरुवार को सनशाइन फार्म हाउस से सुबह साढ़े नौ से दस बजे के बीच में पुलिस ने पकड़ा था। साथ में मानव गंगवानी भी थे। दिन भर पूछताछ के बाद गुरुवार रात को ही छोड़ दिया गया था।
नाना का कहना है उसने ड्रग 3 साल पहले ही छोड़ दी
नाना को उठाने के बाद से ही राजनीति शुरु हो गई है। कांग्रेस और जीतू पटवारी खुलकर नाना के बचाव में आए और इसे बीजेपी सरकार की बदले की राजनीति कहा। वहीं शुक्रवार सुबह नाना और जीतू ने इंदौर में घर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। नाना ने कहा कि मुझे फंसाया जा रहा है, मैं दोनों को जानता हूं लेकिन ड्रग नहीं ली, मैं तो तीन साल पहले ही ड्रग छोड़ चुका हूं और ड्रिंक भी नहीं करता। जीतू ने फिर राजनीतिक बदले के आरोप लगाए।
आरोप – ऑनलाइन गेमिंग और युवतियों को ड्रग की लत लगवाना
इसी दौरान पुलिस ने शुक्रवार, 10 जुलाई को एक युवती के बयान लिए। इसमें नए आरोप लगे कि नाना तो युवतियों को ड्रग की लत लगाता है और शोषण करता है। साथ ही ड्रग सप्लाई में सामने आया कि नाना के पुराने ड्राइवर भुरु उर्फ आरिफ खान ने ही ड्रग की व्यवस्था कराई थी और यह गोलू व रौनी को दी थी कि वह इसे नाना को दे दें। इसके बाद पुलिस ने भुरु की भी औपचारिक गिरफ्तारी ले ली। साथ ही पुलिस को जांच में आया कि नाना के संबंध ऑनलाइन गेमिंग से भी हैं। नए फैक्ट्स के बाद पुलिस ने फिर नाना को नोटिस देकर शनिवार को पूछताछ के लिए तलब किया।
एक मिस्ट्री गर्ल जिसने नाना को अच्छा बताया
उधर नाना से पूछताछ के बीच में शनिवार दोपहर में एक मिस्ट्री गर्ल रीगल पर क्राइम ब्रांच के ऑफिस पहुंची। उसने दावा किया कि नाना को राजनीति के कारण फंसाया जा रहा है और साजिश हो रही है। मिस्ट्री गर्ल कहा कि मैंने नाना के खिलाफ कोई शिकायत नहीं की है और नाना तो बहुत अच्छे इंसान हैं। वह तो नाना के साथ रह रही है और जानती है। वहीं दूसरी यह कौन है इसे लेकर खुद नाना ने ही पल्ला झाड़ लिया। नाना के वकील जय हार्डिया ने कहा कि मेरे पक्षकार नाना इस महिला को नहीं जानते हैं, यह घटनाक्रम हमें संदेह पैदा कर रहा है। उधर पुलिस ने भी इस युवती से पल्ला झाड़ लिया।
शनिवार को नाना की ना-ना
शनिवार रात को नाना पुलिस अधिकारियों के पास वकील जय हार्डिया के साथ पहुंचे। डीसीपी नरेंद्र सिंह रावत ने इस पूछताछ को लेकर बताया कि, ड्रग केस में इरफान उर्फ गोलू और रौनी उर्फ संजय कौशल के बाद भुरु उर्फ आरिफ खान (जो नाना का पुराना ड्राइवर था) को गिरफ्तार किया है।
डीसीपी ने बताया कि युवती के भी बयान हुए हैं। इसमें नए तथ्य के बाद नाना से पूछताछ की। नाना ने माना कि वह गोलू, भुरु, रौनी को जानता है, लेकिन ड्रग से इन्कार किया है। वहीं तीनों ने माना कि यह ड्रग नाना को देने के लिए ही थी।
डीसीपी ने आगे कहा कि युवती ने दो फ्लैट की जानकारी दी और कई और बातें कहीं, इसकी जांच हो रही है। नाना ने माना कि युवती से एक प्लॉट के सौदे को लेकर बातचीत हुई है। जांच में ऑनलाइन गेमिंग की भी बात आई है। डीसीपी ने कहा कि बैंक खाते, मनी ट्रेल को देख रहे हैं। इसके बाद फिर नाना से आगे पूछताछ होगी।
सीएम ने सवालों को टाला, मंत्री ने यह कहा
वहीं शनिवार को इंदौर में सीएम मोहन यादव भी थे। उनसे एयरपोर्ट पर और फिर यूथ प्रोग्राम के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी नाना को लेकर सवाल हुए लेकिन सीएम ने इस पर प्रतिक्रिया नहीं दी। हालांकि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि प्रदेशाध्यक्ष जीतू को अपना घर देखना चाहिए।
विजयवर्गीय ने कहा कि इतने घमंड से बात नहीं करना चाहिए, उनके भाई ने ही स्वीकार किया है कि ड्रग लेते थे। यह उनका निजी मामला है, लेकिन खुद उन्होंने ही स्वीकार कर लिया है कि पहले ड्रग लेते थे।