इंग्लैंड ने भारत का किया व्हाइटवॉश, टी20 सीरीज में पहली बार चार मैच हारने की शर्मनाक कहानी
5वें टी20 मुकाबले में टॉस जीतकर भारत ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, लेकिन यह फैसला पूरी तरह उल्टा पड़ गया। इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों की जमकर धुनाई करते हुए 20 ओवर में 257 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। जवाब में भारतीय टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए कभी मुकाबले में दिखाई नहीं दी और बड़ी हार का सामना करना पड़ा। इसी के साथ इंग्लैंड ने पांच मैचों की सीरीज 4-0 से अपने नाम कर भारत का व्हाइटवॉश कर दिया। यह पहली बार है जब भारतीय टीम किसी पांच मैचों की टी20 द्विपक्षीय सीरीज में चार मुकाबले हार गई।
बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग हर विभाग में भारत फेल
पूरी सीरीज में भारतीय टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। गेंदबाज बड़े स्कोर रोकने में नाकाम रहे, बल्लेबाज लगातार दबाव में बिखरते रहे और फील्डिंग में भी कई आसान कैच और रन बचाने के मौके गंवाए गए। अंतिम मुकाबले में भी यही कहानी दोहराई गई, जहां इंग्लैंड ने हर विभाग में भारत को पीछे छोड़ दिया।
वैभव सूर्यवंशी बाहर, संजू सैमसन को मिला मौका
निर्णायक मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की जगह संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया। हालांकि यह बदलाव भी टीम की किस्मत नहीं बदल सका। भारत की बल्लेबाजी शुरुआत से ही दबाव में रही और बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए नियमित अंतराल पर विकेट गंवाती रही।
श्रेयस अय्यर की कप्तानी पर उठे सवाल
श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारत को लगातार दूसरी टी20 सीरीज में हार का सामना करना पड़ा। पूरी सीरीज में टीम संयोजन, गेंदबाजी में बदलाव और मैदान पर रणनीति को लेकर कई सवाल उठे। इंग्लैंड ने हर मैच में भारतीय टीम पर दबाव बनाए रखा और भारत एक भी मुकाबला जीतने में सफल नहीं हो सका।
सीरीज से मिले कई बड़े सबक
इंग्लैंड दौरे ने भारतीय टीम की कई कमजोरियों को उजागर कर दिया। कमजोर बल्लेबाजी, डेथ ओवरों में कमजोर गेंदबाजी और खराब फील्डिंग टीम की सबसे बड़ी चिंताएं बनकर सामने आईं। आगामी टी20 टूर्नामेंटों से पहले टीम प्रबंधन को इन कमियों पर गंभीरता से काम करना होगा, ताकि भविष्य में इस तरह की एकतरफा हार से बचा जा सके।