दुनिया के पांच महाद्वीपों में RSS कार्य की चर्चा, कई देश चाहते हैं स्वयंसेवकों की ट्रेनिंग: मोहन भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने कहा है कि दुनिया के पांच महाद्वीपों के लोग संघ के कार्य को देखने आ रहे हैं और उनका कहना है की RSS का कार्य काफी अच्छा है। वे चाहते स्वयंसेवक उनके देशों में जाकर लोगों को ट्रेनिंग दें। शुक्रवार को नागपुर में आयोजित कार्यक्रम में भागवत ने कहा कि विदेशों से समय-समय पर लोग संघ का कार्य देखने आते हैं। वे यह जानना चाहते हैं कि RSS किस तरह समाज के लिए समर्पित स्वयंसेवक तैयार करता है और अपने देशों में भी ऐसे कार्यकर्ताओं को तैयार करने के लिए संघ की मदद चाहते हैं।

प्रचारकों के उप्पर 100 वीडियो जारी किए

एक सार्वजनिक प्रसारण के अवसर पर आयोजित किया गया था जिसका नाम डॉ. हेडगेवार: आधुनिक युग के शालीवाहन’ इस दौरान RSS के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में संघ प्रचारकों के जीवन पर आधारित 100 वीडियो भी जारी किए गए।

समाज के कार्यों के लिए समर्पित रहे

भागवत ने कहा कि समाज में धीरे-धीरे संघ की स्वीकार्यता और सम्मान बढ़ रहा है। शुरुआती वर्षों में संगठन को जिस तरह की उपेक्षा और बेरुखी का सामना करना पड़ा था, वह अब काफी हद तक समाप्त हो रही है।

RSS प्रमुख ने कहा कि संघ की पहली प्राथमिकता ऐसे लोगों को तैयार करना है, जो समाज के अलग-अलग क्षेत्रों में सेवा का काम कर सकें। उन्होंने उस धारणा को भी खारिज किया कि RSS विभिन्न संगठनों को दूर से नियंत्रित करता है। भागवत ने कहा कि संघ के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार ने अलग-अलग क्षेत्रों में काम करते हुए महसूस किया था कि सामाजिक कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए समर्पित और प्रशिक्षित लोगों की आवश्यकता होती है।

 

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