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प्रगति की 50वीं बैठक: सक्रिय शासन और समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया में एक ऐतिहासिक उपलब्धि

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सक्रिय शासन और समयबद्ध कार्यान्वयन के प्रमुख मंच प्रगति (Pro-Active Governance and Timely Implementation) ने अपनी 50वीं बैठक के सफल आयोजन के साथ एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है। वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू किया गया यह मंच आज शासन सुधार और जवाबदेही का सशक्त प्रतीक बन चुका है।

प्रगति मंच ने प्रधानमंत्री की सीधी और नियमित समीक्षा के माध्यम से प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं और जन शिकायतों की वास्तविक समय में निगरानी और समाधान को संभव बनाया है। इससे न केवल परियोजनाओं में हो रही देरी को दूर करने में मदद मिली है, बल्कि प्रशासनिक निर्णय प्रक्रिया भी अधिक तेज और प्रभावी हुई है।

यह मंच सहकारी संघवाद का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जहां केंद्र सरकार, राज्य सरकारें और विभिन्न केंद्रीय मंत्रालय एक ही डिजिटल इंटरफेस पर एकजुट होकर काम करते हैं। इससे नीति निर्माण और क्रियान्वयन के बीच की दूरी कम हुई है और समन्वय मजबूत हुआ है।

एक दशक से अधिक समय में, प्रगति ने जवाबदेही की मजबूत संस्कृति को प्रोत्साहित किया है और इसे केवल निगरानी मंच नहीं, बल्कि शासन सुधारों के प्रभावी साधन के रूप में स्थापित किया है। 50वीं बैठक के साथ, प्रगति ने यह सिद्ध कर दिया है कि तकनीक आधारित निगरानी और शीर्ष स्तर की समीक्षा से शासन व्यवस्था में व्यापक परिवर्तन संभव है।

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