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पालिका प्लाजा हत्याकांड: 400 CCTV खंगाले, मजदूर बनकर तलाश करती रही पुलिस; 6 टीमों के बाद मिली आरोपी की जानकारी

इंदौर। इंदौर के मध्य क्षेत्र स्थित पालिका प्लाजा के पास हुई सनसनीखेज हत्या की गुत्थी को सेंट्रल कोतवाली पुलिस ने तीन सप्ताह की कड़ी मशक्कत के बाद सुलझा लिया है। 4 जुलाई की रात महेश मालवीय की ईंट से हमला कर हत्या करने वाले शातिर आरोपी आशीष उर्फ चंदू निवासी नादौर (रायसेन) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

बिना मोबाइल फोन और बिना किसी सोशल मीडिया अकाउंट वाले इस आरोपी तक पहुंचना पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं था। इसे पकड़ने के लिए पुलिस ने 400 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले, छह विशेष टीमों का गठन किया और दर्जनों पुलिसकर्मियों ने मजदूर बनकर चौक-चौराहों पर दिन-रात पहरा दिया।

शराब के नशे में विवाद के बाद ईंट से कर दी थी हत्या
मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि 4 जुलाई की रात पालिका प्लाजा के पास महेश मालवीय और आरोपी आशीष उर्फ चंदू एक साथ बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई।

विवाद इतना बढ़ा कि गुस्से में आकर आशीष ने पास में पड़ी ईंट से महेश के सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी तुरंत वहां से फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस और एफएसएल की टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए थे और अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

तस्वीर तो मिली पर पहचान की नहीं थी कोई राह
हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए सेंट्रल कोतवाली पुलिस ने इलाके के लगभग 400 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। एक सीसीटीवी कैमरे में आरोपी की धुंधली तस्वीर तो कैद हो गई, लेकिन उसकी शिनाख्त होना बेहद मुश्किल था। आरोपी न तो मोबाइल फोन का इस्तेमाल करता था और न ही किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय था।

ऐसे में पुलिस ने उसके चलने के ढर्रे, पहनावे और हुलिए के आधार पर तफ्तीश आगे बढ़ाई। पुलिस को शक हुआ कि आरोपी दिहाड़ी मजदूरी करता है, जिसके बाद शहर के तमाम मजदूर चौकों पर उसकी तलाश तेज कर दी गई।

उज्जैन, भोपाल से रायसेन तक भटकती रही टीम, फुटपाथ पर मिले माता-पिता
करीब एक सप्ताह की जांच-पड़ताल के बाद पुलिस को सुराग मिला कि आरोपी का जुड़ाव उज्जैन शहर से है। उज्जैन में तफ्तीश के दौरान पता चला कि वह अक्सर भोपाल और मंडीदीप इलाके में भी काम की तलाश में जाता रहता है। इसके बाद इंदौर पुलिस की टीम ने भोपाल के रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और रैन बसेरों में आरोपी की फोटो दिखाकर पूछताछ की।

यहीं से आरोपी की पहचान रायसेन जिले के नादौर गांव निवासी आशीष उर्फ चंदू के रूप में हुई। जब पुलिस रायसेन स्थित उसके गांव पहुंची तो पता चला कि आरोपी के माता-पिता भी बेघर हैं और फुटपाथ पर सोते हैं। वहां से उसकी पुरानी पृष्ठभूमि की जानकारी तो मिली, लेकिन आरोपी की सटीक लोकेशन अब भी रहस्य बनी हुई थी।

सादे कपड़ों में मजदूर और शराबी बनकर जुटाए सुराग
एसीपी विनोद दीक्षित के मार्गदर्शन में इंदौर, उज्जैन, भोपाल, मंडीदीप और रायसेन में पुलिस की 6 अलग-अलग टीमें लगातार सक्रिय रहीं। आरोपी को जरा भी भनक न लगे, इसके लिए पुलिसकर्मियों ने सादे कपड़े पहने और मजदूर चौकों तथा देशी शराब की दुकानों के आसपास मजदूरी की तलाश कर रहे आम लोगों की तरह समय बिताया।

पुलिसकर्मी बेलदार बनकर मजदूरों के साथ बैठते और बातों-बातों में आरोपी की तस्वीर दिखाकर उसकी मौजूदगी की जानकारी जुटाते। इस खुफिया रणनीति के जरिए पुलिस को आखिरकार पक्की सूचना मिली कि आरोपी भोपाल में देखा गया है और वहां से इंदौर की तरफ निकल चुका है।

इंदौर बायपास पर बिछाया जाल, स्टेशन पर महिला से मारपीट का भी CCTV आया सामने
सटीक इनपुट मिलते ही पुलिस टीमों ने इंदौर बायपास पर घेराबंदी कर आरोपी आशीष उर्फ चंदू को धर दबोचा। जांच के दौरान पुलिस के हाथ कुछ अन्य सीसीटीवी फुटेज भी लगे हैं, जिनमें आरोपी इंदौर रेलवे स्टेशन के आसपास घूमता और एक असहाय महिला के साथ मारपीट करता हुआ दिखाई दे रहा है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी नशे का आदी है और कहीं भी फुटपाथ पर सो जाता था। फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और कानूनी कार्रवाई पूरी कर उसे अदालत में पेश किया जा रहा है।

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