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अहिल्या पथ योजना के विरोध में किसानों का धरना: IDA कार्यालय के बाहर प्रदर्शन; जमीन से प्रतिबंध हटाने की मांग

इंदौर। अहिल्या पथ योजना से प्रभावित किसानों ने बुधवार को इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। भारतीय किसान एवं मजदूर सेना और अहिल्या पथ संघर्ष समिति के नेतृत्व में किसानों ने योजना को तत्काल निरस्त करने और जमीन पर लगाए गए प्रतिबंध हटाने की मांग की।

इन गांवों की जमीन प्रभावित होने का दावा
किसानों का कहना है कि अहिल्या पथ योजना के चलते नैनोद, रिजलाय, बुढ़ानिया, बड़ा बांगड़दा, पालाखेड़ी, लिम्बोदागारी, रेवती और बरदरी सहित आसपास के गांवों की जमीन प्रभावित हुई है। किसानों के अनुसार करीब दो साल से जमीन के खसरों पर प्रतिबंध लगे हैं। इसके कारण वे अपनी जमीन का स्वतंत्र रूप से उपयोग, डायवर्शन, विकास और वैध तरीके से विक्रय नहीं कर पा रहे हैं।

मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
धरना प्रदर्शन के दौरान किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें अहिल्या पथ योजना को लेकर तत्काल निर्णय लेने और जमीन पर लगाए गए प्रतिबंध हटाने की मांग की गई।

बोले- आश्वासन नहीं, ठोस निर्णय चाहिए
किसानों ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर अधिकारियों के सामने बात रख रहे हैं। अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन से जुड़े मामले में ठोस निर्णय चाहिए। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो IDA कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना जारी रखा जाएगा।

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