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कल शाम दीपों से जगमगाएगी महाकाल की नगरी: 25 लाख से ज्यादा दीप जलेंगे; नया विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी

उज्जैन। 17 सितंबर की शाम शिप्रा तट पर भक्ति और संस्कृति का बड़ा आयोजन होगा। रामघाट समेत शहर के प्रमुख घाटों पर 25 लाख से ज्यादा दीप एक साथ जलाए जाएंगे। शाम 7 बजे शुरू होने वाले महादीपोत्सव के जरिए नया विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सहित कई अतिथि शामिल होंगे।

घाटों पर बनाए जा रहे दीपों के ब्लॉक
कलेक्टर रोशन कुमार सिंह के अनुसार 17 सितंबर शाम 7 बजे शिप्रा के घाट दीपों की रोशनी से जगमगाएंगे। आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। घाटों पर दीप सजाने के लिए विशेष ब्लॉक बनाए जा रहे हैं। प्रत्येक ब्लॉक में 225 दीप रखे जाएंगे। दीपों को तय समय पर एक साथ जलाने के लिए बड़ी संख्या में वॉलेंटियर्स और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। प्रशासन की ओर से आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

शिप्रा आरती के बाद होंगी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
दीप प्रज्वलन के साथ शाम का कार्यक्रम शुरू होगा। इसके बाद रामघाट पर मां शिप्रा की आरती की जाएगी। आरती के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू होगा। ‘द ग्रेट महाकाल’ थीम पर फ्यूजन प्रस्तुति में नृत्य, नाट्य और शिव स्तुति का कार्यक्रम होगा। प्रसिद्ध कलाकार शैलेश लोढ़ा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल पर आधारित प्रस्तुति देंगे। इसके बाद भावन शास्त्री गायन प्रस्तुति देंगे। युवाओं के लिए भजन जैमिंग भी कार्यक्रम का हिस्सा रहेगा, जिसमें भक्ति संगीत को आधुनिक अंदाज में प्रस्तुत किया जाएगा।

500 से ज्यादा कलाकार देंगे प्रस्तुति
महादीपोत्सव में देश और प्रदेश के 500 से ज्यादा कलाकार प्रस्तुति देंगे। प्रशासन के अनुसार आयोजन के जरिए उज्जैन की धार्मिक विरासत, कला और संस्कृति को देश-दुनिया तक पहुंचाने की तैयारी है।

25 लाख से ज्यादा दीप जलाने का लक्ष्य
इस बार शिप्रा तट पर 25 लाख से ज्यादा दीप जलाने का लक्ष्य रखा गया है। कलेक्टर के मुताबिक मौजूदा विश्व रिकॉर्ड भी करीब 25 लाख से कुछ अधिक दीप प्रज्वलित करने का है। उज्जैन में इससे ज्यादा दीप जलाकर नया रिकॉर्ड बनाने का प्रयास किया जाएगा।

श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग और अन्य व्यवस्थाएं
महादीपोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और शहरवासियों के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए पार्किंग समेत अन्य व्यवस्थाएं तैयार की गई हैं। दीप सजाने, प्रज्वलन और कार्यक्रम के दौरान भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में कर्मचारियों और अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय की गई हैं।

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