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देपालपुर में चंबल नदी में जहरीला पानी छोड़ने का मामला: मछलियां मरी , प्रशासन ने लिए सैंपल; कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

इंदौर। देपालपुर विधानसभा क्षेत्र से गुजरने वाली चंबल नदी में जहरीला पानी छोड़े जाने का मामला सामने आया है। जहरीले पानी के कारण ग्राम सगडोद में बड़ी संख्या में मछलियां और जीव मृत पाए गए। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठने लगी।

प्रशासन की टीम ने मौके से लिए नमूने
तहसीलदार नागेंद्र सिंह त्रिपाठी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के SDO सन्नी वर्मा और मत्स्य पालन विभाग के सहायक अधिकारी नवीन पथरी सहित प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने पंचनामा तैयार कर नदी के पानी और मृत मछलियों के नमूने जांच के लिए इखट्टा किए है।

कई गांवों से होकर गुजरती है चंबल नदी
चंबल नदी देपालपुर विधानसभा के शिवगढ़, शायद, चांदेर, एकतासा, करकी, तमालपुर, भिड़ौता, लिंबोदा पार, जलोदियापार, भामाखेड़ा, सातेर, कुनगारा, अत्याना, नोलाना, बछोड़ा, रलायता, चंबल, बहिरामपुर और सगडोद सहित कई गांवों से होकर गुजरती है। ग्रामीणों का आरोप है कि नदी में छोड़े जा रहे जहरीले पानी के कारण पानी दूषित हो रहा है।

कार्रवाई नहीं हुई तो होगा आंदोलन
इंदौर दुग्ध संघ के पूर्व अध्यक्ष और किसान नेता मोतीसिंह पटेल ने बताया कि ग्रामीणों की सूचना मिलने के बाद उन्होंने प्रशासन का ध्यान इस गंभीर मामले की ओर आकर्षित किया था। उन्होंने मांग की कि नदी में कथित रूप से दूषित पानी छोड़ने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए पानी की नियमित जांच कराई जाए।

पटेल ने चेतावनी दी कि दोषी कंपनियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े के नेतृत्व में कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि जिन उद्योगों से कथित रूप से प्रदूषित पानी नदी में छोड़ा जा रहा है, उनका घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

ग्रामीणों ने FIR और प्रदूषण मुक्त नदी की मांग की
घटना के बाद ग्रामीणों ने दोषी लोगों और कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने तथा चंबल नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने की मांग की है। वहीं प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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