महाकाल की भस्म आरती में पहुंचे युजवेंद्र चहल, बोले- यह अनुभव शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार स्पिनर युजवेंद्र चहल शुक्रवार सुबह उज्जैन स्थित भगवान महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने प्रातःकालीन भस्म आरती में शामिल होकर बाबा महाकाल के दर्शन किए।
महाकाल मंदिर में दर्शन के बाद चहल ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह उनके जीवन के सबसे विशेष आध्यात्मिक अनुभवों में से एक है।
भस्म आरती में लिया आशीर्वाद
युजवेंद्र चहल ने सुबह होने वाली विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती में सहभागिता की। आरती के दौरान उन्होंने भगवान महाकाल का पूजन-अर्चन कर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
महाकाल मंदिर में प्रतिदिन होने वाली भस्म आरती देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहती है।
बोले- शब्दों में बयां नहीं कर सकता अनुभव
दर्शन के बाद मीडिया से चर्चा में चहल ने कहा कि उनके मित्र कई बार उन्हें महाकाल मंदिर आने के लिए प्रेरित कर चुके थे। इस बार उन्हें यहां आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
उन्होंने कहा, “यह एक अलग ही अनुभव है, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। यहां आकर अद्भुत शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव हुआ।”
मंदिर व्यवस्था की सराहना
चहल ने श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा की गई व्यवस्थाओं की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए मंदिर में बहुत अच्छी व्यवस्था की गई है।
इस दौरान श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सहायक प्रशासक आशीष फलवाड़िया ने उनका स्वागत किया।
श्रद्धालुओं में उत्साह
प्रसिद्ध क्रिकेटर के महाकाल मंदिर पहुंचने की सूचना मिलते ही मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला। कई श्रद्धालुओं ने चहल की एक झलक पाने और उनके साथ तस्वीर लेने की कोशिश की।
उज्जैन का श्री महाकालेश्वर मंदिर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और यहां देशभर की कई प्रसिद्ध हस्तियां समय-समय पर दर्शन के लिए पहुंचती रहती हैं।