वडोदरा पॉक्सो कोर्ट ने भायली गैंगरेप केस सुनाया फैसला: 1100 CCTV से ढूंढें 5 आरोपी; उम्रकैद के साथ 10 लाख का जुर्माना

वडोदरा। गुजरात में बहुचर्चित भायली गैंगरेप मामले में विशेष पॉक्सो कोर्ट ने सोमवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले के पांचों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। घटना अक्टूबर 2024 की है। नवरात्रि की एक रात 16 वर्षीय किशोरी अपने एक दोस्त के साथ गरबा कार्यक्रम से लौट रही थी।
इसी दौरान भायली क्षेत्र में पांच आरोपियों ने उनकी बाइक को रोक लिया। आरोपियों ने चाबी छीनकर किशोरी के दोस्त को अपने कब्जे में ले लिया और फिर नाबालिग के साथ सामूहिक गंगरेप किया। जाते वक्त पीड़िता से उसका मोबाइल भी छीनकर लिया था। घटना को अंजाम दे कर वहां से फरार हो गए थे।
1100 CCTV कैमरों से खुला था राज
घटना के बाद वडोदरा पुलिस ने करीब 45 किलोमीटर में लगे 1100 से ज्यादा CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले। इसके अलावा टॉवर डंप डेटा और तकनीकी सर्विलांस का सहारा लिया गया। पुलिस की मुस्तैदी का नतीजा यह रहा कि महज 48 घंटे के भीतर ही पांचों आरोपियों को पकड़ लिया गया।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान मुन्ना बंजारा, मुमताज बंजारा, शाहरुख बंजारा, सैफ अली बंजारा और अजमल सत्तार के रूप में हुई थी। ये सभी उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे और वडोदरा के तांदलजा इलाके में मजदूरी का काम करते थे।
17 दिन में दाखिल की गई थी 6000 पन्नों की चार्जशीट
इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस ने जांच में तेजी दिखाते हुए रिकॉर्ड समय यानी महज 17 दिनों के भीतर अदालत में करीब 6000 पन्नों की मजबूत चार्जशीट पेश की थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने 45 अहम गवाहों के बयान दर्ज कराए।
कोर्ट ने सबूतों, वैज्ञानिक साक्ष्यों और गवाहों के बयनों के आधार पर पांचों आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत का यह फैसला नाबालिगों के खिलाफ हुए इस गंभीर अपराध में त्वरित और कड़ी न्याय व्यवस्था का एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।