उज्जैन के युवा किसानों की ने ऑर्गेनिक सूरजमुखी की खेती: युक्रेन युद्ध के बाद बढ़ी मांग; ज्यादा हो रहा प्रॉफ़िट

उज्जैन। पंजाब और हरियाणा में प्रमुखता से उगाया जाने वाला पीला सोना यानी सूरजमुखी अब उज्जैन में भी उगाया जा रहा है। लालपुर में युवा किसान ऋषभ पंड्या और टीम ने 150 बीघा जमीन पर पहली बार ऑर्गेनिक सूरजमुखी की खेती की है।
खेत में खिले पीले फूलों ने पूरे इलाके की तस्वीर बदल दी है। दूर से देखने पर खेत किसी पीली चादर की तरह नजर आता है। इसकी खूबसूरती लोगों को आकर्षित कर रही है और कई लोग यहां पहुंचकर फोटो-वीडियो बना रहे हैं।
किसान का खेत अब सेल्फी पॉइंट बन चुका है। वहीं, सूरजमुखी की सफल खेती को देखकर आसपास के किसान भी इसकी तकनीक और संभावनाओं को समझने में रुचि दिखा रहे हैं।
क्यों खास है यह खेती
किसान के मुताबिक मालवा में लंबे समय से सोयाबीन प्रमुख फसल रही है, लेकिन अब सूरजमुखी किसानों के लिए नया और बेहतर विकल्प बनकर उभर रही है। इसके बीजों से तैयार होने वाले सनफ्लावर ऑयल की बाजार में अच्छी मांग है। खास बात यह है कि फसल में फूल आते ही कई कंपनियों ने उपज खरीदने में रुचि दिखाते हुए किसान से संपर्क किया है।

तेल की बाजार में मांग
मालवा में गेहूं, सोयाबीन, चना और मक्का जैसी पारंपरिक फसलों के बीच अब किसान नए विकल्प तलाश रहे हैं। लालपुर में सूरजमुखी की खेती ने फसल विविधीकरण की नई राह दिखाई है। तिलहनी फसल होने से इसके बीज और तेल की बाजार में मांग रहती है।
युक्रेन युद्ध के बाद बढ़ी मांग
रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद सूरजमुखी तेल का आयात प्रभावित हुआ, जिससे घरेलू मांग बढ़ी, खास बात यह है कि इसकी फसल 90 से 100 दिनों में तैयार हो जाती है। किसान का कहना है कि जो सोयाबीन को बोने और देखभाल मे जो समय लगाता था और नुकसान होने का डर रहता था वो इस सूरजमुखी की खेती से जोखिम काफी कम हो गया है।

पहले से ज्यादा मिल रहा मुनाफा
सूरजमुखी की खेती का प्रयोग सफल साबित होता नजर आ रहा है। जैविक तरीके से तैयार की गई फसल की गुणवत्ता और उत्पादन ने किसान का उत्साह बढ़ाया है। खेत में खिले पीले फूल लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। सूरजमुखी के बीजों से तेल सहित कई उत्पाद बनते हैं, जिससे किसानों के लिए कम समय में बेहतर आमदनी की संभावनाएं बन रही हैं।
सूरजमुखी से बनते हैं कई उत्पाद
सूरजमुखी के बीजों से बनने वाला तेल घरों से लेकर खाद्य उद्योग तक बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। इसके अलावा बीजों को भूनकर स्वादिष्ट स्नैक के रूप में खाया जाता है। इन्हें सलाद, बेकरी और कई खाद्य पदार्थों में भी शामिल किया जाता है। बीजों से पैक्ड सीड्स सहित कई वैल्यू एडेड फूड प्रोडक्ट्स तैयार किए जा सकते हैं।