उज्जैन में संत का धरना 20 दिन के लिए टला: गौमाता के अंतिम संस्कार की कर रहे थे मांग; प्रशासन ने दिया आश्वासन

उज्जैन। गायों के सम्मानजनक अंतिम संस्कार की मांग को लेकर खड़ेश्वरी अघोरी बाबा विष्णुनाथ ने ऐलान किया था कि वे 10 सितंबर से काल भैरव मंदिर के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे।
वरिष्ठ साधु-संतो की प्रशासन से बात के बाद धरना 20 दिनों के लिए आगे बढ़ा दिया गया है। उनका कहना था कि गायों को विधिवत समाधि देने की व्यवस्था के लिए प्रशासन से कई बार आग्रह किया गया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
यह थीं मांग
बाबा विष्णुनाथ का कहना है कि सनातन संस्कृति में गोमाता को अत्यंत पूजनीय स्थान प्राप्त है, इसलिए मृत्यु के बाद भी गोवंश को सम्मान के साथ अंतिम विदाई मिलनी चाहिए। उज्जैन में मृत गायों के विधिवत अंतिम संस्कार और समाधि के लिए स्थायी व्यवस्था नहीं होने से संत समाज चिंतित है।
कई बार बोलने के बाद नहीं हुई कार्रवाई
इस मांग को लेकर कई बार प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। अब संतों की नाराजगी आंदोलन में बदलती दिखाई दे रही है और मांग पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा।

उग्र आंदोलन की चेतावनी
खड़ेश्वरी अघोरी बाबा विष्णुनाथ ने कहा कि आज भगवान काल भैरव के दर्शन पूजन के बाद यह अनिश्चितकालीन धरना शुरू होने वाला था। लेकिन हमारे वरिष्ठ साधु-संतो से बात चीत के बाद उन्होंने अभी इस प्रदर्शन को 15 से 20 दिन के लिए रोकने को कहा है। उन्होंने बताया हमारी अखाड़े के बड़े साधु-संतो ने कहा है कि अगर समय सीमा के बाद भी मांग पूरी नहीं हुई तो बड़ी संख्या मे साधु-संत आकर प्रदर्शन करेंगे।
सुचना मिलते ही पहुँचती है टीम
उन्होंने बताया, गौ सेवा उनके लिए महज कर्तव्य नहीं, बल्कि लंबे समय से निभाया जा रहा संकल्प है। इसी भावना के साथ वे ‘श्री सेनापति काल भैरव गौ सेवा संगठन’ के माध्यम से जरूरतमंद गायों की मदद करते हैं। सूचना मिलने पर टीम बीमार और बेसहारा गायों का निःशुल्क उपचार करती है। मृत गायों के अंतिम संस्कार की व्यवस्था भी संगठन करता है।